नोटबंदी के एक माह में सभी बैंकों ने करीब तीन सौ करोड़ रुपये वितरित किए हैं, लेकिन बाजार में अब भी छोटे नोटों की किल्लत नजर आ रही है। माना जा रहा है कि छोटे नोटों की किल्लत इसलिए हो रहा है क्योंकि बैंक शाखाओं से ली गई अधिकांश करेंसी का तमाम लोगों ने स्टॉक किया है।
जिले में एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक सहित विभिन्न बैंकों की करीब 188 शाखाएं संचालित हो रही हैं। इसमें एसबीआई की पांच करेंसी चेस्ट से करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये का वितरण और पुराने नोटों से एक्सचेंज किया गया। पीएनबी के करेंसी चेस्ट से करीब 110 करोड़ रुपये का वितरण किया गया। वहीं, अन्य बैंक शाखाओं के करेंसी चेस्ट और आरबीआई से सीधे तौर पर प्राप्त हुई करीब 40 करोड़ रुपये की धनराशि का वितरण जिले की बैंक शाखाओं में किया गया। इतनी बड़ी धनराशि का वितरण होने के बावजूद कैश की किल्लत महज इसलिए है कि अधिकांश लोग नोटबंदी से डरे हुए हैं। इससे वे लोग घरों में रुपयों का स्टॉक कर रहे हैं, जिससे धनराशि का संचालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक जिले की बैंक शाखाओं में लगातार कैश का वितरण किया जा रहा है, इसलिए लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए।