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UP Floods: बदायूं में बाढ़ से मुसीबत... 40 गांवों के 10 स्कूलों में पढ़ाई ठप, 23 हजार लोग परेशान

Tue, 19 Aug 2025 01:49 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के दातागंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी की बाढ़ ने लोगों की मुसाबतें बढ़ा दी हैं। कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। सड़कें भी पानी में डूब गई हैं। ग्रामीण नाव से आवाजाही करने को मजबूर हैं। 
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दातागंज क्षेत्र में आई रामगंगा की बाढ़ से खेतों में भरा पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बदायूं के दातागंज तहसील क्षेत्र में 40 गांवों से जुड़े तीन रास्ते रविवार को रामगंगा की बाढ़ में डूब गए। तीन दिन से 15 गांवों में बिजली गुल है। वहीं, बाढ़ की वजह से बेसिकके दस स्कूलों में पढ़ाई ठप है। कई लोग वायरल बुखार से पीडि़त हैं। रामगंगा पिछले 24 घंटे से उफान पर है। बाढ़ के पानी से कई गांव चौतरफा घिरे हुए हैं। 

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घर से लेकर बाहर तक 23 हजार लोगों पर मुसीबतों की बाढ़ दिख रही है। जरूरी खाद्यान्न और दवाओं का भी संकट ग्रामीणों के सामने है। ऐसे में जो तैरना जानते हैं या जोखिम ले सकते हैं, वे लोग जलभराव वाले क्षेत्रों से होकर कई-कई किलोमीटर पैदल चलकर घरेलू जरूरतों का सामान खरीदकर ला पा रहे हैं। 

नगरिया खनू से लालपुर खादर मार्ग सात-किलोमीटर है। अधिकतर हिस्सा तीन दिन से जलमग्न है। इस रास्ते से होकर गुजरने वाले 16 गांवों के अधिकतर लोग नाव के सहारे हैं। रामगंगा में आई बाढ़ से दातागंज क्षेत्र के करीब 16 गांवों का तहसील से संपर्क टूट गया है। 
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बाढ़ के कारण जमीन का कटान हो रहा है। फसल भी पूरी तरह नष्ट हो गई है। बाढ़ में फंसे लोगों को तहसील प्रशासन ने राहत सामग्री मुहैया कराई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों के इलाज के लिए कैंप नहीं लगाए हैं। 

 

नाव से हो रही आवाजाही 
जलस्तर अधिक होने से नाव से सफर करने में भी लोगों को डर लग रहा है। हालात यह हैं कि अकट समेत जरतोली, सकतपुर, सिमरिया, नवादा बदन, देवचरी, हर्रामपुर, शेरपुर, गढि़या पैगंबरपुर, मेढ़ा गांव में पानी भरा हुआ है। आवाजाही नाव से हो रही है।

अकट गांव के चारों ओर पानी भर जाने से लोग घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। पानी घरों के अंदर घुस गया है। कुछ घरों से बाढ़ का पानी टकरा रहा है। ऐसे में उनको भी खतरा बना हुआ है। पिछले साल भी इस गांव में कई घर गिर गए थे। 

दातागंज के एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कभी जलस्तर बढ़ जाता है तो कभी घट भी रहा है। प्रशासन उनकी मदद में हर समय खड़ा है। जिस प्रकार की भी मदद चाहिए प्रशासन दे रहा है। किसी को दिक्कत हो तो फोन से भी अवगत करा सकते हैं। 

किसानों की धान, उड़द, तिल, बाजरा की फसलें बर्बाद
नवादा बदन के अरविंद कुमार ने बताया कि बीते तीन-चार दिनों से रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रामगंगा ने रौद्र रूप ले लिया है। बढ़ते जलस्तर से आम जनजीवन प्रभावित है। नवादा बदन, गढ़िया पैगम्बरपुर, मौजमपुर, अकट, शेरपुर, हर्रामपुर, पट्टी विजा, लालपुर खादर आदि गांवों में घरों में पानी घुस गया है। किसानों की धान, उड़द, तिल, बाजरा आदि की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं हैं। 

ग्राम शेरपुर के संजीव कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर अधिक होने से लोग जान जोखिम में डालकर जरूरी काम से ही घर से निकल रहे हैं। अधिकांश लोग दो दिन से घरों में कैद हैं। अब पेट भरने के लिए भी सामान नहीं बचा है। ऐसे में प्रशासन की राहत सामग्री पर ही निर्भर रहना लोगों की मजबूरी बन गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित नहीं किए हैं, जिससे लोग बुखार में तप रहे हैं।
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हर तरफ पानी, छुट्टा पशुओं का हाईवे बना सहारा 
बाढ़ का पानी सड़क से लेकर खेतों तक भरा है। गांव में बाढ़ का पानी आने की वजह से अब छुट्टा पशु भी परेशान हो गए हैं। उनको चारे का संकट पैदा हो गया है। जरतोली, सकतपुर, सिमरिया के ग्रामीणों ने बताया कि अब यह पशु बाढ़ की वजह से बंद पड़े हाईवे को अपना आशियाना बनाए हुए हैं। 
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