नाव से हो रही आवाजाही
जलस्तर अधिक होने से नाव से सफर करने में भी लोगों को डर लग रहा है। हालात यह हैं कि अकट समेत जरतोली, सकतपुर, सिमरिया, नवादा बदन, देवचरी, हर्रामपुर, शेरपुर, गढि़या पैगंबरपुर, मेढ़ा गांव में पानी भरा हुआ है। आवाजाही नाव से हो रही है।
अकट गांव के चारों ओर पानी भर जाने से लोग घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। पानी घरों के अंदर घुस गया है। कुछ घरों से बाढ़ का पानी टकरा रहा है। ऐसे में उनको भी खतरा बना हुआ है। पिछले साल भी इस गांव में कई घर गिर गए थे।
दातागंज के एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कभी जलस्तर बढ़ जाता है तो कभी घट भी रहा है। प्रशासन उनकी मदद में हर समय खड़ा है। जिस प्रकार की भी मदद चाहिए प्रशासन दे रहा है। किसी को दिक्कत हो तो फोन से भी अवगत करा सकते हैं।
किसानों की धान, उड़द, तिल, बाजरा की फसलें बर्बाद
नवादा बदन के अरविंद कुमार ने बताया कि बीते तीन-चार दिनों से रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रामगंगा ने रौद्र रूप ले लिया है। बढ़ते जलस्तर से आम जनजीवन प्रभावित है। नवादा बदन, गढ़िया पैगम्बरपुर, मौजमपुर, अकट, शेरपुर, हर्रामपुर, पट्टी विजा, लालपुर खादर आदि गांवों में घरों में पानी घुस गया है। किसानों की धान, उड़द, तिल, बाजरा आदि की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं हैं।
ग्राम शेरपुर के संजीव कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर अधिक होने से लोग जान जोखिम में डालकर जरूरी काम से ही घर से निकल रहे हैं। अधिकांश लोग दो दिन से घरों में कैद हैं। अब पेट भरने के लिए भी सामान नहीं बचा है। ऐसे में प्रशासन की राहत सामग्री पर ही निर्भर रहना लोगों की मजबूरी बन गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित नहीं किए हैं, जिससे लोग बुखार में तप रहे हैं।
हर तरफ पानी, छुट्टा पशुओं का हाईवे बना सहारा
बाढ़ का पानी सड़क से लेकर खेतों तक भरा है। गांव में बाढ़ का पानी आने की वजह से अब छुट्टा पशु भी परेशान हो गए हैं। उनको चारे का संकट पैदा हो गया है। जरतोली, सकतपुर, सिमरिया के ग्रामीणों ने बताया कि अब यह पशु बाढ़ की वजह से बंद पड़े हाईवे को अपना आशियाना बनाए हुए हैं।