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पीसीएफ के दो सचिवों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश

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बदायूं। गेहूं खरीद में लापरवाही बरतने पर एआर कोऑपरेटिव ने पीसीएफ के दो सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश संबंधित सहायक विकास अधिकारियों को दिए हैं। इसके साथ ही क्रय एजेंसी के जिला प्रबंधक के वेतन पर रोक लगा दी गई है।
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बताया गया कि जिले में क्रय एजेंसी ने अब तक 34 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। जबकि गत वर्ष 62 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका था। सबसे ज्यादा खराब स्थिति पीसीएफ क्रय एजेंसी की पाई गई है। शासन की ओर से क्रय एजेंसी को जो लक्ष्य दिया गया, उसके सापेक्ष अभी तक केवल 20 प्रतिशत ही खरीद की गई है, ऐसे में गेहूं खरीद में लापरवाही पाए जाने पर एआर कोआपरेटिव राघवेंद्र सिंह ने पीसीएफ के दो सचिवों इस्लामनगर के दियोरा हेमपुर में सचिव उमेश और कादरचौक के सचिव दिनेश कुमार के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश संबंधित सहायक विकास अधिकारियों को दिए, इस पर थाने में तहरीर दे दी गई हैं। साथ ही पीसीएफ जिला प्रबंधक अशोक कुमार का वेतन रोकने को लिखा है।
बता दें कि जिला प्रशासन की ओर से 134 क्रय केंद्र खोले गए हैं, जबकि पिछली बार जिले में 122 केंद्र बनाए गए थे। खरीद केंद्र बढ़ जाने के बावजूद विभाग अब तक गेहूं खरीद करने में फिसड्डी साबित हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा खराब हालात एसएफसी और पीसीएफ के हैं। हालांकि एसएफसी के जिले में मात्र पांच केंद्र हैं, जबकि पीसीएफ के जिले में सबसे ज्यादा 87 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पीसीएफ के सभी 87 केंद्रों के लिए जिला प्रशासन की ओर से 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष अभी तक केवल 13 हजार मीट्रिक टन की खरीद की गई है। यह लक्ष्य के सापेक्ष 21.29 प्रतिशत है। पिछले वर्ष पीसीएफ की ओर से अब तक 30 हजार मीट्रिक टन से अधिक की खरीद की गई थी। ऐसे में जिला स्तरीय अधिकारियों ने इसकी जांच की, तो पता चला कुछ क्रय केंद्रों पर सचिव इस काम में रुचि ही नहीं ले रहे हैं।
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दो सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी गई है। इसके बाद में उनके निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उनकी ओर से गेहूं खरीद में रुचि नहीं ली जा रही थी। इसके अलावा पीसीएफ के जिला प्रबंधक का वेतन भी रोका गया है।
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-राघवेंद्र सिंह, एआर कोऑपरेटिव
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