बदायूं। शहर में बिछाया गया अंडरग्राउंड केबल लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन किसी को सुध नहीं आ रही है। रविवार को बाबा कॉलोनी में केबल जंक्शन बॉक्स से चिपककर एक गाय की मौत हो गई। इसको लेकर मोहल्ले वालों ने पॉवर कॉरपोरेशन के खिलाफ प्रदर्शन कर अंडरग्राउंड केबल की सप्लाई बंद करने की मांग की। लोगों का कहना था कि जरा सी बारिश में जानवरों की जान जा रही है। ज्यादा बारिश होने पर लोगों की जान नहीं जाएगी, इसकी क्या गारंटी है।
वर्ष 2016 में शहर में अंडरग्राउंड केबल डाला गया था, लेकिन इसमें मानकों की अनदेखी की गई। ठेका मैनपुरी की एक कंपनी को दिया गया, लेकिन ठेकेदार के तत्कालीन सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण काम की शुरुआत में ही जमकर मनमानी की गई। सरकार बदली, लेकिन हमेशा जनहित की दुहाई देने वाले भाजपा नेताओं ने भी जनता की इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। लगातार हो रही जानवरों की मौतें तो सभी को दिखाई दे रही हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने भी इस समस्या के निदान के बारे में नहीं सोचा। हालत ये है कि एक के बाद एक करंट से जानवरों की लगातार मौत हो रही हैं, लेकिन किसी अधिकारी या नेता के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। इस अनदेखी का खामियाजा रविवार को फिर बाबा कॉलोनी के लोगों को उठाना पड़ गया। कॉलोनी में लगे केबल जंक्शन बॉक्स से चिपककर एक गाय की मौत हो गई। गनीमत रही उस वक्त वहां पर कोई व्यक्ति नहीं था, नहीं तो गाय को बचाने के चक्कर में उसकी भी जान जा सकती थी। इससे गुस्साए कॉलोनी वासियों ने पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों को आरोप था कि विभागीय अधिकारी अगर कमीशन के खेल में नहीं पड़ते, तो शायद आज शहर का ये हाल नहीं होता। शहर में जिधर देखो, उधर जानवरों की मौत हो रही है। ऐसे में इंसान की भी जान जा सकी है।
इस मुद्दे पर फिर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे: आबिद
बदायूं। सपा सरकार के कार्यकाल में शहर में अंडरग्राउंड केबल डालने का काम शुरू हुआ था, जिसका ठेका मैनपुरी की कंपनी को दिया गया था। केबल डालने का काम जब शुरू हुआ तो सड़कें टूटने पर नगर पालिका ने इसका विरोध कर दिया। इसी मुद्दे पर तत्कालीन नगर पालिकाध्यक्ष फातिमा रजा के पति आबिद रजा और सांसद धर्मेंद्र यादव में ठन गई। इसके खामियाजा आबिद को सपा से निलंबन के रूप में भुगतना पड़ा। रविवार को प्रेस को जारी बयान में पूर्व मंत्री आबिद रजा ने कहा कि इस समय शहर के लोग मानो बारूद के ढेर पर हैं। किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वर्ष 2016 में उन्होंने इसी कारण इसका विरोध किया था और अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने कहा कि इतने हादसे होने के बाद भी कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्हें भी शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में एक बार फिर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
बाबा कॉलोनी में जहां पर हादसा हुआ है, वहां मैं स्वयं जाकर देखूंगा। ये हादसे किस वजह से हो रहे हैं, उसकी पूरी जांच करूंगा। उसके बाद में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-उमेश सोनकर, अधिशासी अभियंता, प्रथम