बदायूं। मानसिक मंदित व्यक्ति के मददगार से रुपये लेने के मामले में अस्पताल प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। सीएमएस ने इसके लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया है। उन्होंने कहा कि ही बुधवार तक अपनी जांच रिपोर्ट पेश करें।
शनिवार को जिला अस्पताल में उस व्यक्ति से ढाई सौ रुपये लिए गए थे, जो एक मानसिक मंदित व्यक्ति की मदद करने आया था। मानसिक मंदित व्यक्ति का उससे कोई लेना-देना भी नहीं था। वह तो सिर्फ समाजसेवक के रूप में आया था। इसकी शिकायत पर डीएम दिनेश कुमार सिंह स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे थे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने तुरंत मामले की जांच और कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस मामले को दो दिन बीत जाने के बावजूद प्रभारी सीएमएस डॉ. उदयवीर सिंह ने न तो जांच टीम गठित की और न ही कोई कार्रवाई की। इस पर अमर उजाला ने मंगलवार को रिश्वतखोर कर्मचारियों और अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत उजागर की। इससे अस्पताल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। दोपहर के समय सीएमएस डॉ. भारत भूषण पुष्कर ने तीन सदस्यीय टीम गठित की। इसमें डॉ. उदयवीर सिंह, डॉ. सुकुमार अग्रवाल और डॉ. रियाज अंसारी को शामिल किया गया। सीएमएस ने बताया कि मामले की जांच को 24 घंटे दिए गए हैं।