भूख हड़ताल पर बैठी तीन आशा वर्करों की शनिवार को तबीयत बिगड़ गई। इनमें एक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के बाद होश में आने पर दोबारा अनशन स्थल पर लौट गई।
बिल्सी सीएचसी में तैनात एक डॉक्टर के खिलाफ आशा वर्कर 21 जून से मालवीय आवास पर आंदोलन कर रही हैं। शुक्रवार से पांच आशा वर्करों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। शनिवार दोपहर गर्मी की वजह से तीन आशाओं गुड्डो, मीना, सुनीता की हालत बिगड़ गई। इसके बाद साथी आशा वर्कर इन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले गईं। जहां पर आशा संगिनी गुड्डों की हालत गंभीर होने पर भर्ती कर लिया गया। मीना और सुनीता को डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद आराम करने की सलाह दी। इलाज के बाद गुड्डो की हालत में कुछ सुधार हो गया। इसके बाद तीनों मालवीय आवास अनशन स्थल पर लौट गईं। उधर, आंदोलन के चलते करीब दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद आशा वर्कर की कोई सुनने वाला नहीं है। हालत बिगड़ने के बावजूद शनिवार को प्रशासन का कोई अफसर उन्हें देखने नहीं पहुंचा। जबकि आशा वर्करों की मांग केवल आरोपी डॉक्टर को बिल्सी सीएचसी से हटाने की है।