ट्रेन में सफर से पहले लोग गड्ढों में उफ करने को मजबूर
उझानी (बदायूं)।
ट्रेनों से लेकर स्टेशनों पर स्वच्छता के मुद्दे पर रेलवे के अभियान और दावों की हकीकत जाननी है तो यहां चले आइए। स्टेशन परिसर में दीवारों पर लिखे स्वच्छता के स्लोगन देखकर लगेगा कि सब कुछ साफ होगा। मगर गेट पर बने गड्ढे ने स्टेशन की सूरत बिगाड़ रखी है। सड़क तो बन गई है, लेकिन नालियों का हाल ज्यों के त्यों है।
रेलवे स्टेशन की सूरत पर सबसे बड़े दाग के लिए कोई और नहीं बल्कि उसी के विभाग के अफसर जिम्मेदार हैं। ब्रॉडगेज लाइन बनी तो रेलवे ने पहले पंखा रोड फिर मालगोदाम तक सीमेंटेड सड़क का निर्माण कराया। सड़क का एक छोर आबादी से जुड़ा होने की वजह से घरों के गंदे पानी के लिए नालियां भी बनीं, लेकिन मोड़ के पास एक नाली का अधूरा छोड़ दिया गया। नतीजा सड़क पर जलभराव की समस्या के रूप में सामने आया तो गुजरते भारी वाहनों की वजह से सड़क पर गहरा गड्डा हो गया। स्टेशन गेट के ठीक सामने गड्ढे ने अब तक एक दर्जन से अधिक ई-रिक्शा चालकों को परेशानी में डाला है। ई-रिक्शा चालक हरीओम के मुताबिक सवारियों लाने-पहुंचाने के दौरान पहियों के बेरिंग टूट जाते हैं। पहिए गड्ढे में जाते ही सवारियों की जुबां कि उफ, कब भरेगा ये गड्ढा। इसके अलावा साल भर पहले बना मालगोदाम रोड भी धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लग गया है।
और दगा दे गई अढौली फाटक की एप्रोच रोड
उझानी। कादरचौक और उसके आसपास इलाके के गांवों को जोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन के नजदीक बने अढौली फाटक की एप्रोच रोड की दशा भी काफी खराब है। ब्रॉडगेज लाइन पड़ने के बाद अब तक दो बार एप्रोच रोड की मरम्मत भी हो चुकी है। फाटक के दोनों ओर लाइन के आसपास ही गहरे गड्ढे हो गए हैं। फाटक पार करते समय किसी दिन कोई भारी वाहन असंतुलित होकर पलटा तो नुकसान रेलवे को भी उठाना पड़ेगा।
अढौली फाटक के पास गड्ढे का मामला विभाग के निर्माण अनुभाग के संज्ञान में है। प्रस्ताव भी भेजा चुका है लेकिन मेनगेट के पास जहां सड़क टूटी है, इसके लिए पालिका प्रशासन जिम्मेदार है। मरम्मत कराने के लिए पालिका अफसरों को भी अवगत करा दिया था।
- एसके यादव, स्टेशन अधीक्षक