बदायूं। डीएम दिनेश कुमार सिंह शुक्रवार को कुछ देर के लिए शिक्षक बन गए। शहर के प्राथमिक विद्यालयों में निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने बच्चों को किताबी ज्ञान के अलावा स्वच्छता और सामाजिकता का पाठ पढ़ाया। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में शिक्षा अव्यवस्था देख वह दंग रह गए। उन्हें चार विद्यालयों में पंजीकृत 302 की जगह केवल 106 बच्चे ही उपस्थित मिले।
शुक्रवार दोपहर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने नगर क्षेत्र के चार परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। डीएम सबसे पहले पुलिस लाइंस स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बच्चों को आदर्श और स्वच्छता का पाठ पढ़ाया। बच्चों से उनकी दिनचर्या, सफाई व्यवस्था से संबंधित कई सवाल पूछे।
डीएम ने कक्षा दो के छात्र आकाश के घर फोन किया। आकाश की मां ने बताया कि उनका बेटा उनके ही नहीं मकान मालिक के भी प्रतिदिन पैर छूता है। इस पर डीएम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आकाश को आशीर्वाद दिया।
डीएम ने मौके पर मौजूद बीएसए को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में सूचना पट पर अध्यापकों और बच्चों की उपस्थिति प्रतिदिन दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक रोजाना पांच-पांच बच्चों के घर जाकर उनकी दैनिक क्रियाओं, शिक्षण कार्य, साफ-सफाई, शौचालय की सफाई, मोहल्ले की सफाई के संबंध में पूछे।
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इन स्कूलों में कम मिले बच्चे
पुलिस लाइंस स्थित प्राथमिक विद्यालय में 101 के सापेक्ष 34 बच्चे उपस्थित थे। डायट स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 25 बच्चों के सापेक्ष 10 और प्राथमिक विद्यालय में 68 के सापेक्ष 13 बच्चे मौजूद थे। मोहल्ला पटियाली सराय स्थित प्राथमिक विद्यालय में 108 के सापेक्ष 49 बच्चे हाजिर थे।
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ईओ को कारण बताओ नोटिस
डीएम दिनेश कुमार सिंह मोहल्ला पटियाली सराय स्थित प्राथमिक विद्यालय निरीक्षण करने पहुंचे तो बाहर रोड पर कूड़ा और गंदा पानी जमा देखा। गंदगी देखते ही डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने दोपहर एक बजे तक कूड़ा न उठने को लेकर ईओ निशा मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।