फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अतिक्रमण हटाने में नगर पालिका पर फिर लगने लगे पक्षपात के आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। शहर में छह सड़का से सब्जी मंडी तक नगर पालिका की ओर से स्थायी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। जहां काफी लोगों ने इसे पालिका का सराहनीय काम बताया वहीं कुछ दुकानदारों का आरोप है कि इस अभियान में भी नगर पालिका प्रशासन ने खेल कर दिया। उसने अपने चहेते व्यापारियों की दुकानों के आगे के स्थायी अतिक्रमण को नहीं हटाया, बल्कि अन्य व्यापारियों के चबूतरे तोड़ दिए। वहीं पालिका प्रशासन का कहना है कि उसने एक तरफ से स्थायी अतिक्रमण हटाया है। कुछ व्यापारियों ने खुद ही स्थायी अतिक्रमण को तोड़ने की मोहलत मांगी है।
विज्ञापन

अतिक्रमण स्थायी हो या अस्थायी, दोनों ही शहरवासियों के लिए दुखदायी है। हर कोई व्यक्ति अतिक्रमण की वजह से परेशान है। हर वर्ग अतिक्रमण से मुक्ति पाना चाहता है, लेकिन दुकानदारों और चंद लापरवाह अधिकारी, कर्मचारियों की वजह से शहर से अतिक्रमण का अभिशाप खत्म नहीं हो रहा है। अमर उजाला ने जनता की इस प्रमुख समस्या को अभियान की तरह प्रकाशित किया तो नगर पालिका की नींद खुली और रविवार को स्थायी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया, लेकिन यहां पर उस पर पक्षपात का आरोप लग गया। आरोप लगाने वाले दुकानदारों का कहना था कि पालिका की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया, लेकिन उनको सभी व्यापारियों को एक बार समझाना चाहिए था। पालिका ने अपने चहेते व्यापारियों को क्यों छोड़ दिया, जबकि लाल निशान लगाकर नगर पालिका प्रशासन ने एक दिन पहले अपनी सीमा को तय कर दिया था। सोमवार को भी तोड़फोड़ से प्रभावित होने वाले दुकानदार गुपचुप तरीके से पक्षपात की बात कहते दिखाई दिए। हालांकि एक-दूसरे के पड़ोसी होने के कारण वह खुलकर किसी का नाम नहीं ले पाए। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसकी दुकान की आगे की दुकान का चबूतरा तक तोड़ डाला, जबकि एक दुकानदार की दुकान पर लाल निशान लगाकर भी छोड़ दिया गया।
------
पांच लाख रुपये में बनेगा फुटपाथ नगर पालिका की ओर से सड़क किनारे छह सड़का से सब्जी मंडी के बीच में एक साइड का फुटपाथ बनाया जाएगा। इसके लिए नगर पालिका ने पांच लाख रुपये का टेंडर किया है, साथ ही 10 दिन के अंदर फुुटपाथ को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

------
क्या बोले लोग
पक्षपात न हो: नगर पालिका की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला, ये अच्छी बात है, लेकिन इसमें उसे पक्षपात नहीं करना चाहिए।
-प्रदीप भदौरिया
----------
पालिका की सोच उजागर: नगर पालिका की ओर से किया गया पक्षपात उसकी मानसिकता को दिखाता है, कि वह किस स्तर की सोच रखता है।
-मनोज कुमार
---------
पालिका ने दिया बढ़ावा: अतिक्रमण शहर में बीमारी की तरह फैल रहा है। इस पर रोक लगाने वाले खुद ही इसको किसी न किसी रूप में बढ़ावा दिए जा रहे हैं।
- आशुतोष पाठक
----------
ठीक से कार्य हो: अगर पालिका प्रशासन ठीक प्रकार से काम करे, तो किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी। पालिका का सभी लोग साथ भी देंगे।
- सुमित सक्सेना
-------------------------
कुछ जगह पर व्यापारियों ने खुद ही स्थायी अतिक्रमण तुड़वाने की बात कही थी इस वजह से उनको समय दिया गया था। सोमवार को सुबह मौके पर जाकर देखा। जिन्होंने अब भी अतिक्रमण नहीं हटाया है, उनको चेतावनी दी है। वे जल्द ही पूरा स्थायी अतिक्रमण तोड़ लेंगे।
विज्ञापन

- उपेंद्र उपाध्याय, निर्माण लिपिक, नगर पालिका प्रशासन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें