रुहेलखंड के प्रसिद्ध मिनी कुंभ मेला ककोड़ा को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। मेला ककोड़ा में काशी के पंडित गंगा महाआरती करेंगे, जिन्होंने नेपाल के गुरु राजन भट्टाराई से शिक्षा प्राप्त की है। महा आरती 22 और 23 नवंबर को होगी। मेला ककोड़ा में हर साल लाखों की संख्या में देश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु आकर गंगा में डुबकी लगाते हैं। गंगा किनारे सफेद रेत पर बसने वाले तंबुओं का शहर लगातार बढ़ता जा रहा है।
मेला ककोड़ा 16 नवंबर से शुरु होगा। 23 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन मुख्य स्नान होगा। मेला ककोड़ा में गंगा महाआरती काशी (बनारस) के तौर तरीके से की जाती है। इस साल महाआरती दो दिन 22 और 23 नवंबर को होगी। इसके लिए काशी के नौ पंडित बुलाए जाएंगे, जो नेपाल के गुरु राजन भट्टाराई के शिष्य हैं। गंगा महासभा कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व विधायक प्रेमस्वरू पाठक होंगे। उन्होंने बताया कि आरती में नौ लोगों की टीम होगी जिसमें तीन लोग आरती करेंगे और चार लोग वाद्ययंत्र और संगीत में रहेंगें। दो लोग सहयोगी की भूमिका में रहेंगे।
उन्होंने बताया कि पूर्णिमा को आधी रात को जिला पंचायत अध्यक्ष और एएमए नाव में बैठकर गंगा की बीच धारा में जाकर आरती करेंगे। इसके बाद गंगा के दूसरी ओर जाकर अतिशबाजी करेंगे। यह परंपरा दशकों से चली आ रही है।
स्वच्छता को सात सेक्टर में बांटा मेला क्षेत्र
कादरचौक। साफ सफाई के लिहाज से मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों में बांटा गया है। सभी सेक्टरों के प्रभारी ईओ संजय तिवारी को बनाया गया है।
शासन-प्रशासन का ध्यान स्वच्छता पर ज्यादा है। सो मेले में गंदगी न हो इसके लिए भी प्रशासन की ओर से ध्यान दिया गया है। सो मेला क्षेत्र को सात सेक्टर में बांटा गया है। अलग -अलग एडीओ पंचायत को प्रभारी बनाया जायेगा। एएमए सीपी राघव ने बताया कि इस बार सभी कर्मचारियों की हाजिरी मेले में रजिस्टर पर लगाई जायेगी। जिला ंपचायत के कर्मचारियों की भी मेला में ही अभी से रजिस्टर पर हाजिरी लगाने की व्यवस्था की गई है। मेले में 300 जिला पंचायत के शौचालय 200 पब्लिक शौचालय और दस नगर पालिका के 10 मोवाइल शौचालय रहेंगे। इनके अतिरिक्त प्राइवेट शौचालय भी लोग बनवा सकते हैं जिसका शुल्क अलग देना होगा। सफाई कर्मचारियों में डीपीआरओ के 300 कर्मचारी, जिला पंचायत के 130 और 150 नगर पंचायत के सफाई कर्मी रहेंगे। जिनकी पहचान के लिये जिला पंचायत की ओर से जैकेट दी जायेगी।
कठपुतली जादूगर और सीमामोरवाल के होंगे कार्यक्रम
कादरचैक। मेला ककोड़ा में जिला पंचायत की ओर से बनवाये जाने वाले सांस्कृतिक पंडाल में मथुरा की सीमामोरवाल के कार्यक्रम के अलावा जादूगर जेके सागर और लखनऊ की कठपुतली के कार्यक्रम होंगे। मेला प्रशासनिक अधिकारी विनेाद यादव ने बताया कि थिएटर की जगह आरक्षित है। अगर कोई थिएटर लोक विधाओं पर आधारित नाटक दिखाने को आता है तो लगाया जायेगा।
पंचायती राज्यमंत्री कर सकते हैं उद्घाटन
कादरचौक। जिला पंचायत के द्वारा मेले की झंडी पूजन सप्तमी तिथि को 16 नवंबर को देवी मंदिर से करा कर मेले का शुभारंभ किया जाएगा। 22 नवंबर को मेले का उद्घाटन होगा। जिला पंचायत की ओर से पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी को बुलाये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। एएमए सीपी राघव ने बताया कि इस संबंध में पत्र जल्द ही भेजा जाएगा।
तीन रैन बसेरा बनेंगे
कादरचौक। मेले में श्रद्वालुओं के लिये गंगा तट पर तीन और जिला पंचायत कार्यालय के पास एक समेत तीन रैन बसेरा बनेंगे। उनमें श्रद्वालू रात बिता सकते हैं।
मेला में पहुंचे खेल तमाशे के सामान
कादरचौक। बच्चों के मनोरंजन मेले में झूला चांद तारा ड्रेगन टोरा जैसे खेल तमाशों का सामान पहुंच गया है। सामो की खेम नोयडा के पहुंच चुकी है। सर्कस भी आ रहा है। सामान से लदा एक ट्रक भी मेला में धंस गया जिसे हाड्रोलिक के सहारे निकलबाया गया। नलों का सामान भी मेले में पहुंच गया है।
आईएमए लगाएगी हेल्थ कैंप
बदायूं। मेला ककोड़ा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भी श्रद्धालुओं की सुविधा को निशुल्क स्वास्थ्य कैंप का आयोजन करेगी। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रहेगी जो विभिन्न रोगों से पीड़ित लोगों का परीक्षण करने के साथ उन्हें दवाएं देंगी। इस संबंध में एसोसिएशन के सचिव हृ्दय रोग विशेषज्ञ डॉ.शरद कुमार गुप्ता ने डीएम को पत्र दिया है।
आईएमए सचिव डॉ.गुप्ता ने बताया कि चूंकि मेला ककोड़ा हमारे जिले के ही नहीं बल्कि रुहेलखंड का प्रसिद्ध मेला है। इसमें लाखों की संख्या में देश भर से श्रद्धालु आते हैं। इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा को गत वर्ष की तरह इस साल भी आईएमए मेले में अपना स्वास्थ्य कैंप लगाएगी। कैंप के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्रशासन को पत्र दिया गया है। डॉ.शरद गुप्ता ने बताया कि कैंप में बाल रोग, हृद्यरोग, फिजीशियन, आंख,कान,नाक के अलावा अन्य कई अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहेंगे। आईएमए का प्रयास रहेगा कि मेले में किसी भी रोग से पीड़ित श्रद्धालु को बेहतर इलाज मिल सके। जल्द ही आईएमए की इस सिलसिले में मीटिंग होगी। जिसमें सभी पदाधिकारियों से चर्चा कर कैंप में होने वाले कार्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा।