मूसाझाग थाने में एक किशोरी से हुए सामूहिक दुष्कर्म की बहुचर्चित घटना में आरोपी दो सिपाहियों को स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट देवराज प्रसाद सिंह ने 25-25 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पूरी रकम पीड़ित को देने का आदेश है।
घटना 31 दिसंबर 2014 की रात को हुई। किशोरी शाम को अपने घर से शौच को निकली थी। तभी लग्जरी कार से पहुंचे थाने के सिपाही वीरपाल सिंह यादव और अवनीश यादव ने उसे कब्जे में लेकर कार में डाल लिया और थाना परिसर स्थित अपने कमरे में दोनों उससे दुष्कर्म किया। रात करीब 12 बजे पीड़िता को सिपाही गांव के बाहर छोड़ गए थे। जब घटना की जानकारी पीड़िता ने परिजनों को दी तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस के आला अफसरों ने मौका मुआयना किया था।
पीड़िता की मां ने आरोपी दोनों सिपाहियों के खिलाफ एक जनवरी 2015 को थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट लिखाई। स्पेशल जज पॉक्सो देवराज प्रसाद सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी विलालउद्दीन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता अतुलेश कांत सक्सेना की दलीलों को सुनने के बाद सिपाही वीरपाल सिंह यादव और अवनीश यादव को दोषी करार दिया।