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वीरू बना पीआरडी जवान, टॉवर पर चढ़कर किया ड्रामा

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वीरू बना पीआरडी जवान, टॉवर पर चढ़कर किया ड्रामा
सेलफोन पर बात की, बोला-ड्यूटी दिलाओ वर्ना कूद जाऊंगा
डेढ़ घंटा तक मोबाइल टॉवर पर बैठा रहा टीएसआई का हमराह
पुलिस अफसरों पर भी फरियाद नहीं सुनने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
अफसरों पर ड्यूटी कम देने का आरोप लगाते हुए प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) का जवान महेश कुमार शनिवार शाम मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। उसे समझाने के लिए पुलिस फोर्स पहुंचा तो कार्रवाई नहीं होने पर कूदकर जान देने की धमकी देने लगा। करीब डेढ़ घंटा तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच वह थानाध्यक्ष के इस आश्वासन पर टॉवर से उतरा कि डीएम से भेंट कराके समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। इसे लेकर अफरातफरी का माहौल भी बना रहा।
मामला शाम करीब पांच बजे का है। कोतवाली क्षेत्र के गांव कुड़ा नरसिंहपुर निवासी 30 वर्षीय पीआरडी जवान महेश कुमार इन दिनों ट्रैफिक पुलिस में टीएसआई के हमराह की ड्यूटी पर है। गौतमपुरी मोहल्ले में एक कंपनी के मोबाइल टॉवर पर चढ़े महेश के बारे में पुलिस को भनक करीब आधा घंटा बाद लगी। कोतवाली प्रभारी राजीव कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तो शुरू में उसने बात ही नहीं की। एक बार तो उसने कूदने को पैर भी आगे बढ़ा दिए। उसने पुलिस से बात करने से इंकार करते हुए पत्रकारों से ही मोबाइल पर वार्ता जारी रखी। बाद में पत्रकारों के मोबाइल पर ही कोतवाली प्रभारी से बात करते समय वह अफसरों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाने लगा। बताया- वह एक साल में महज तीन महीना ड्यूटी देने से परिवार की गुजर-बसर नहीं कर पाता। फरियाद उसने एसएसपी से भी की है। दो दिन पहले ही उसने एसएसपी के पीआरओ भी पत्र सौंपा था। काफी देर तक मनुहार करने पर उसने टॉवर से उतरना शुरू किया तो पुलिस कर्मियों ने राहत महसूस की। टॉवर से उतरने आने के बाद पुलिस उसे लेकर अफसरों के पास चली गई। उसे देखने के लिए मौके पर सैकड़ों लोगों का जमघट भी लगा रहा।
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आर्थिक रूप से कमजोर है महेश का परिवार
उझानी। अपनी मांगें मनवाने के लिए मोबाइल टॉवर पर चढ़े पीआरडी जवान महेश के पिता की चार संतान हैं। पिता के नाम चार बीघा जमीन भी है लेकिन उसके खेत में से होकर निकले चकरोड की वजह से जमीन का अधिकतर हिस्सा चला गया। भाइयों में बड़ा हृदेश दिल्ली में प्राइवेट नौकरी तो छोटे दोनों भाई मुकेश और जयकांत पढ़ाई कर रहे हैं। पिता आढ़त पर मजदूरी करते हैं। महेश की माने तो उसके तीन बच्चे हैं। तीन महीना ड्यूटी से मिलने वाले रुपयों से बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी पूरा नहीं हो पाता। बोला कि अफसरों ने उसकी समस्या का समाधान नहीं किया तो वह आत्महत्या कर लेगा।
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महेश को गला लगाकर फफक पड़ी मां
उझानी। महेश के मोबाइल टॉवर चढ़े होने की बात उसकी मां रामवती को पता लगी तो वह घर से निकल पड़ी। टॉवर के नीचे से वह उसे नीचे बुलाने को आवाज लगाती रही। महेश नीचे उतरकर आया तो वह उसे गले लगाकर रोने लगी। कहा- बेटा ऐसा कभी मत करना। पुलिस उसे लेकर बदायूं को चली तो वह भी कार में बैठने लगी। कोतवाली प्रभारी के समझाने पर उसने साथ जाने की जिद छोड़ दी।
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पीआरडी जवान की समस्या के समाधान के लिए अफसरों से बात कर ली है। डीएम सर से उसकी मुलाकात कराई जाएगी। कोशिश रहेगी कि उसे नियमित ड्यूटी मिले।
- राजीव कुमार, कोतवाली प्रभारी
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