आसफपुर (बदायूं)। स्थानीय सीएचसी पर प्रसव के बाद जबरन घर भेजी गई महिला की मौत हो गई। नाराज परिवारीजनों ने महिला डॉक्टर पर रुपये न देने की वजह से अस्पताल से भगाने का आरोप लगाकर सीएचसी पर हंगामा किया। बाद में गांव गई अस्पताल की टीम को पीड़ित परिवार ने भगा दिया। उन्होंने महिला डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिस पर जांच के आदेश दिए गए हैं।
पास के गांव दूंदपुर निवासी वली मोहम्मद की पत्नी जासमीन को प्रसव पीड़ा हुई। वहां की आशा वर्कर ने महिला को कस्बा स्थित सीएचसी पहुंचाया। जहां सोमवार रात में किसी समय जासमीन को प्रसव हो गया। महिला के पति वली मोहम्मद का आरोप है कि प्रसव के बाद डॉक्टर ने उनसे रात को ठहरने के बदले एक हजार रुपयों की मांग की। इसको देने से मना करने पर महिला डॉक्टर ने अस्पताल से तुरंत चले जाने को कह दिया।
गरीबी से जूझ रहा वली अपनी पत्नी तथा नवजात को लेकर घर चला आया। बताया जा रहा है कि घर पहुंचकर जासमीन ने पेट में दर्द बताया। गांव के ही एक निजी चिकित्सक को दिखाया गया। निजी डॉक्टर के मना करने के कुछ ही देर बाद ही जासमीन की मौत हो गई। परिवार के लोगों का मानना है कि सीएचसी पर जासमीन को प्रसव के बाद दी जाने वाली जरूरी दवाएं नहीं दीं गई थीं, इससे उसे सेप्टिक हो गया। महिला की मौत के बाद नाराज परिवारीजन सीएचसी पहुंचे। यहां जमकर महिला डॉक्टर के खिलाफ हंगामा किया। वहीं आरोपी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और चले गए। बाद में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अभिषेक कुमार के निर्देश पर अस्पताल की एक टीम डॉ. अशफाक के नेतृत्व में मृतक महिला के घर पहुंची। वहां नाराज घरवालों ने उन्हें भगा दिया। सीएचसी इंचार्ज डॉ. अभिषेक कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।