दातागंज। विभाग की मेहरबानी हो तो बेसिक में कुछ भी हो सकता है। कुछ ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। एक स्कूल के इंचार्ज प्रधानाध्यापक पर दस स्कूलों में मिड-डे मील बनवाने और बंटवाने का जिम्मा था। आरोप था कि मिड-डे मील में घपला किया गया। जिला पंचायत सदस्य और प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री ने इसकी शिकायत शासन को भेजी। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एडी बेसिक (बरेली) को जांच के आदेश दिए। एडी ने पूरे मामले की बारीकी से जांच कराने के निर्देश बीएसए को दिए हैं।
यह मामला विकास खंड उसावां क्षेत्र का है। गांव उखौली के प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार पर अपने स्कूल के अलावा गांव के ही उच्च प्राथमिक स्कूल के साथ ही मूजखेड़ा, खेड़ा नगला, मंशा नगला, नगासी के प्राथमिक तथा सिकंदराबाद, मौजपुर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील का चार्ज था। इन स्कूलों का बीईओ और इंचार्ज प्रधानाध्यापक का संयुक्त खाता था। जबकि ग्राम प्रधान और स्कूल के प्रधानाध्यापक का संयुक्त खाता होता है।
जिला पंचायत सदस्य अनीता भारती और प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री मुकेश चौहान ने शासन को शिकायत की थी कि मिड-डे मील में घपला किया जा रहा है। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा है उन्हें अनाज भी कम दिया जा रहा है। जबकि कम बच्चों वाले स्कूलों को अनाज ज्यादा दिया गया है। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया। शासन ने इसकी जांच के आदेश सहायक शिक्षा निदेशक (एडी) को दिए हैं। एडी ने जांच बीएसए बदायूं को दी है। निर्देश दिए गए हैं कि जांच बारीकी से की जाए। उसकी रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। वहीं इस मामले में गांव उखौली के पूर्व प्रधान सौक सिंह यादव ने भी इसकी शिकायत शासन से की थी। किंतु उस समय जांच नहीं हो सकी थी।
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मुझे अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो मामले की जांच की जाएगी। -पीसी यादव, बीएसए बदायूं