बदायूं। नरौरा बैराज से गुरुवार को सीजन का सबसे ज्यादा 1.72 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा रौद्र रूप की ओर हैं। कई इलाकों में कटान के साथ गांवों में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है। तटवर्ती करीब 200 गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया है। स्थिति लगातार विस्फोटक हो रही है। गुरुवार को गंगा का जल स्तर मीटर गेट पर 163.30 पर पहुंच गया है। गौर करने वाली बात यह है कि खतरे का निशान 163.50 पर है।
गंगा में नरौरा बैराज से तीन दिन से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बुधवार को भी नरौरा बैराज से 145037 क्यूसेक पानी छोड़ गया था। गुरुवार को वाटर डिस्चार्ज बढ़कर 172211 क्यूसेक हो गया है। इससे गंगा ने खतरे का निशान का रुख कर लिया है। गंगा का रुख देखकर तटवर्ती गांवों के लोगों में खौफ है। कई इलाकों में गंगा ने तेजी से कटान शुरू कर दिया है। नरौरा बैराज से गुरुवार को सीजन का सबसे ज्यादा वाटर डिस्चार्ज होने के बाद बाढ़ खंड ने एलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार वर्मा के मुताबिक खतरे को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। अभी हालात ज्यादा खराब नहीं हुए हैं। अगर शुक्रवार को भी इसी तरह से वाटर डिस्चार्ज किया जाता है तो हालात विस्फोटक हो सकते हैं।
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जोरी नगला में बांध से टकरा रही गंगा का धार
कादरचौक। गंगा का जल स्तर बढने के साथ ही क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा गांवों को खतरा पैदा हो गया है। जोरी नगला बांध पर गंगा की धारा सीधी टकरा रही है। इससे बांध को खतरा पैदा हो गया है। बांध के किमी 5.23 पर कटान भी हो रहा है। हालांकि, बाढ़ खंड का कहना है कि अभी खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालात पर नजर रखी जा रही है। जिन स्थानों पर गंगा की धारा दबाव बना रही है वहां मिट्टी के कट्टे रखने का काम किया जा रहा है।
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सहसवान के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
सहसवान। नरौरा बैराज से गुरुवार को सबसे ज्यादा वाटर डिस्चार्ज की वजह से क्षेत्र के भमरौलिया, परौटी, परशुराम नगला, खागी नगला, वीरसहाय नगला, चौकीदार की मढ़ैया समेत करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां के ग्रामीण गंगा के रुख को देखते हुए सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।