बदायूं। पॉक्सो एक्ट तृतीय कोर्ट की न्यायाधीश निधि ने किशोरी को अगवाकर और दुष्कर्म करने के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी पर 42 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि पीड़िता को इलाज और मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया है।
जरीफनगर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह एक मार्च 2022 की रात आठ बजे फसल की रखवाली करने गए थे। जब वह घर लौटे तो बेटी (17) घर में नहीं थी। जानकारी करने पर पता चला कि उनकी बेटी को क्षेत्र के गांव जल्लूपुर निवासी प्रेमपाल सिंह बहला फुसलाकर अगवा कर ले गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी की तलाश की। पुलिस की खोजबीन में किशोरी मिल गई। किशोरी ने दुष्कर्म करने के बयान दर्ज कराए। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। आरोपी के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा चलाया गया। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। विशेष लोक अभियोजक व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। इसके बाद न्यायाधीश ने आरोपी प्रेम सिंह को दोषी पाते हुए 20 साल के कारावास व 42 हजार रुपये के जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।