बदायूं। पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिनेश तिवारी ने किशोरी के साथ छेड़खानी के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला ने 27 अगस्त 2017 को एक पॉक्सो एक्ट के तहत छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 26 अगस्त को उनकी बेटी गांव के हैंडपंप से पानी भरने लेने गई थी। तभी गांव का राशिद हैंडपंप के पास आ गया। उसने बेटी को अकेला देखकर उसके साथ छेड़खानी की। विरोध करने पर उसने अश्लील हरकत की। बेटी के शोर मचाने पर आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गया, लेकिन ग्रामीणों की सूचना पर उसके पति पहुंच गए। उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर विवेचना शुरु कर दी। विवेचक ने विवेचना पूरी करने के बाद कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को किशोरी के साथ छेड़खानी का दोषी पाते हुए उसे 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर 60 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है।