फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अचानक विकास भवन पहुंचे कमिश्नर, मची खलबली

विज्ञापन
विज्ञापन
अचानक विकास भवन पहुंचे कमिश्नर, मची खलबली
विज्ञापन

अफसरों के साथ बैठकर जानी जिले में ओडीएफ की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। दो अक्तूबर तक प्रदेश के समस्त जिले ओडीएफ घोषित किए जाने हैं। इसको लेकर शासन-प्रशासन का पूरा जोर शौचालय बनवाने पर है। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद सोमवार दोपहर अचानक बदायूं विकास भवन जा पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) की प्रगति रिपोर्ट जानी। साथ ही शौचालय निर्माण का कार्य तय समय में कर लेने के निर्देश दिए।
कमिश्नर रणवीर प्रसाद बगैर किसी पूर्व सूचना के सोमवार पूर्वाह्न 1.30 बजे अचानक यहां विकास भवन पहुंच गए। उनकी गाड़ी देखकर विकास भवन के कर्मचारियों में खलबली मच गई। अफसरों को कमिश्नर के आने का पता चला तो सन्न रह गए। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने बैठते ही सबसे पहले भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही ओडीएफ के बारे में डीपीआरओ से प्रगति रिपोर्ट मांगी। साथ ही शौचालय के फोटो लोडिंग का प्रोसेस देखा। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि दो अक्तूबर तक जिला हर हाल में ओडीएफ घोषित हो जाना चाहिए। सभी शौचालय का निर्माण गुणवत्ता पूर्वक किया जाए। लोगों को समझाएं कि कोई खुले में शौच के लिए न जाए। सभी शौचालय का उपयोग करें। खुले में शौच जाने से वातावरण प्रदूषित होता है, जिससे बीमारियां फैलती हैं। इस बीच कमिश्नर के आने का पता लगने डीएम दिनेश कुमार सिंह भी विकास भवन जा पहुंचे। डीएम ने बताया कि जिले में शौचालय बनाने का काम तेजी से चल रहा है। समय रहते सभी शौचालय का निर्माण पूरा हो जाएगा। लोगों को मोटिवेट करने के लिए टीम गाठित की है, जो सुबह लोगों को खुले में शौच से होने वाले नुकसान के बारे में बता रही है। इस मौके पर सीडीओ देवकृष्ण तिवारी, डीपीआरओ शशिकांत पांडेय मौजूद रहे।
विज्ञापन

-----------------------
सहायता राशि लेकर नहीं बना
रहे शौचालय, होगी कार्रवाई
डीएम ने दिए सूची बनाने के निर्देश, पहले जारी होगा नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला ओडीएफ घोषित करने के लिए केवल छह दिन बचे हैं। कुछ लाभार्थियों ने सहायता राशि लेने के बावजूद शौचालय का निर्माण नहीं कराया। डीएम ने ऐसे लोगों की सूची बनाने के निर्देश सभी बीडीओ केे दिए हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया जाएगा। जिन लाभार्थियों ने शौचालय नहीं बनवाए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने दो अक्तूबर तक प्रदेश के सभी जिलों को ओडीएफ घोषित करने को कहा है। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने जिला ओडीएफ घोषित करने को 30 सितंबर तिथि तय की थी। इसको ध्यान में रखकर युद्ध स्तर पर गांवों में शौचालय बनाने का कार्य चल रहा है। कोई शौचालय अधूरा न बचे, इसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी संबंधित सचिव को दी गई है। शौचालय अधूरा पाए जाने पर लाभार्थी को नोटिस देकर दो अक्तूबर से पहले निर्माण पूरा कराने कहा जाएगा। इसके बाद कोई व्यक्ति खुले में शौच नहीं जाएगा।
विज्ञापन

जिले में कुछ ऐसे लोग हैं, जो सहायात राशि की प्रथम किस्त लेने के बावजूद शौचालय नहीं बना रहे हैं। जबकि उनसे शौचालय बनाने को कई बार कहा जा चुका है। डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को ऐसे लोगों की सूची बनाने का निर्देश दिया। बीडीओ ने सूची बनाकर जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजेंगे। साथ ही शौचालय न बनाने वाले लाभार्थियों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बावजूद शौचालय नहीं बनाएंगे तो आगे की कार्रवाई होगी। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि शौचालय न बनाने वालों की सूची तैयार कराई जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें