ओ गौरी री पिलाय दै भंगिया समेत भोले-पार्वती के गुणगान से सराबोर भजनों की धुन पर थिरकते कांवड़ियों ने सावन महीने के पहले सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक के लिए जाते समय हाईवे पर धूम मचा दी। सैकड़ों की संख्या में शिवभक्तों की टोलियों ने सबसे पहले कछला गंगाघाट से कांवड़ यात्रा शुरू करने से पहले आस्था की डुबकी भी लगाई। गंगाघाट भी बम-बम भोले से गूंज उठा।
सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक करने से पहले शनिवार रात और रविवार सुबह गंगाघाट पर कांवड़ियों की खासी भीड़ रही। हालांकि कांवड़ियों की टोलियां रुक-रुक कर पहुंची लेकिन आस्था के आगे बूंदाबांदी भी रुकावट नहीं बन पाई। बूंदाबांदी से बेपरवाह कांवड़ियों में से दो-तीन युवकों ने तड़के करीब चार बजे गंगाघाट से दंडौती यात्रा शुरू की। दंडौती यात्रा कर रहे कांवड़ियों का साथी शिवभक्तों ने हौसला बढ़ाया। शिवभक्तों की टोलियों के साथ कलाकारों ने भी मनमोहक प्रदर्शन किया। भोले और पार्वती के भजनों पर थिरकते कलाकारों ने शिवभक्तों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। सोमवार पूर्वाह्न तक ज्यादातर टोलियों बरेली, बदायूं और पीलीभीत जिले की थीं। इसे लेकर पूरे दिन हाईवे पर नृत्य की धूम रही।
जलभराव की भेंट चढ़ा भोले के शृंगार का सामान
उझानी। मंडी समिति के पास गोशाला की भूमि पर लगे भोले के शृंगार के सामान के बाजार पर रविवार रात बारिश का ऐसा साया पड़ा कि पूरा इलाके में लगीं दुकानें पानी-पानी हो गईं। दुकानदारों को सामान समेटना भी मुश्किल हो गया। दुकानदारों में विष्णु वार्ष्णेय ने बताया कि भोले की ड्रेस समेत उनके शृंगार का सामान भीग जाने से खराब भी हो गया है। दो दर्जन से अधिक दुकानों में रखे करीब एक लाख रुपये के सामान का नुकसान बताया गया है। दुकानदारों की मानें तो गोशाला की भूमि पर जहां दुकानें लगवाई गईं हैं, वह सड़क से नीची है। सड़क का पानी भी दुकानों में घुस गया।
सड़क हादसे में तीन कांवड़िये घायल, हाईवे पर हंगामा
उझानी (बदायूं)। रूट डायवर्जन का पालन नहीं होने से रविवार सुबह कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करुआ पुल के पास तेज रफ्तार मेटाडोर ने बरेली में भमोरा के कांवड़ियों की टोली में शामिल युवक को चपेट में ले लिया। गुस्साए कांवड़ियों ने हंगामा भी किया। इसके अलावा जानवर को बचाने की कोशिश में बाइक फिसलने से दो और कांवड़िया घायल हो गए।
पहला हादसा बरेली-मथुरा हाईवे पर छतुइया के पास पूर्वाह्न में हुआ। कछला से कांवड़ भरकर निकले पीलीभीत निवासी बाइक सवार कांवड़ियों की टोली में शामिल राजकुमार (35) और उसका पड़ोसी शिवभक्त शुभम अग्रवाल (32) की बाइक जानवर को बचाने की कोशिश में फिसल गई। शुभम और राजकुमार के पैर लहूलुहान हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने को उनके साथी ने एंबुलेंस को कॉल भी की लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की वजह से उन्हें निजी बाइकों से अस्पताल ले जाना पड़ा। इसके अलावा दोपहर में करुआ पुल पर मेटाडोर ने बरेली जिले के भमोरा निवासी कांवड़िये हरीओम (25) पुत्र शिवसिंह को चपेट में ले लिया। घायल हरीओम का उसके साथी निजी उपचार कराके घर ले गए लेकिन इससे पहले उन्होंने हाईवे पर काफी देर तक हंगामा भी किया। उनका कहना है कि पुलिस रूट डायवर्जन होने के बाद भी भारी वाहनों को रोकने में नाकाम रही है।