सोता रहा विभाग, आधा
शहर डूबा रहा अंधेरे में
- शहर के आधा दर्जन मोहल्लों में रातभर बिजली रही गुल
- मुहल्ले वालों के बताने पर भी विभागीय कर्मचारियों ने नही ली सुध अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। सरकार ने शहरी क्षेत्र को 22 और ग्रामीण क्षेत्र को 20 घंटे बिजली मुहैया कराने को फरमान तो जारी कर दिया लेकिन इस आदेश को खुद उसका ही जिम्मेदार विभाग पलीता लगा रहा है। 22 तो दूर शहर में 10 घंटे भी बिजली भी विभाग मुहैया नही करा पा रहा है। भीषण गर्मी की मार झेल रहे शहरवासी विद्युत विभाग की मनमानी से तंग आ गए हैं। आए दिन हो रही बिजली कटौती के कारण लोग बेहाल नजर आ रहे हैं। बुधवार को डीएम आवास के पीछे अचानक पेड़ टूटकर पोल पर गिर गया। जिस कारण मोहल्लों की सप्लाई बाधित हो गई।
दोपहर में शहर के मोहल्ला नेकपुर, अंबिकापुरी, आदर्श नगर, कृष्णापुरी, जवाहरपुरी तथा शिवपुरी में बिजली गुल रही। रात को दो बजे कटी बिजली अगले दिन गुरुवार को सुबह दस बजे सुचारू हो सकी। रात में हुई अघोषित बिजली कटौती के कारण मोहल्लावासी विभाग के खिलाफ मुखर हो गए। लोगों का कहना था कि अगर ट्रांसफार्मर में कोई फाल्ट होता है तो वे लोग तत्काल विभागीय कर्मचारियों को फोन से अवगत करा देेते हैं लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी कोई नही पहुंचता है।
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गर्मी के मौसम में बिजली की अधिक खपत होने के कारण लोड बढ़ जाता है इसलिए कटौती की जाती है। बुधवार को रात के समय डीएम आवास के पीछे एक पोल पर पेड़ टूटकर गिर गया था, जिस कारण सप्लाई बाधित हो गई थी। हालांकि गुुरुवार को भोर में ही इसको दुरुस्त करा दिया गया।
-मधुप श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता।
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क्या बोले लोग
फोटो - 16
विद्युत विभाग पूरी तरह से मनमानी पर उतारू है। भीषण गर्मी में बिजली ही एक सहारा है। लेकिन कटौती के कारण जीना दुश्वार हो रहा है। कटौती का समय नीयत करना चाहिए।
-विनीत शर्मा
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विद्युत विभाग के कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त है। शासनादेश को ताक पर रख पूरी तरह से मनमानी पर उतारू हो गए हैं। अगर इसी प्रकार बिजली की कटौती जारी रही तो विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
-राजा सक्सेना
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शासनादेश के अनुसार शहरी क्षेत्र में 22 घंटे बिजली मिलनी चाहिए लेकिन यहां तो दस घंटे भी बिजली नही दी जा रही है। विभाग के आला अधिकारियों से शिकायत करो तो वे टालमटोल करते हैं।
-गौरव सक्सेना
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विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने पर समस्या का हल नही कराया जाता है, अब आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री से अघोषित बिजली कटौती की शिकायत करेंगे।
-पवन