...आखिर कैसे दब
गया बंदूक का ट्रिगर?
जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति, पुलिस भी उलझन में
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
दिल्ली-बदायूं हाईवे पर चलती बस में आखिर बंदूक का ट्रिगर कैसे दब गया? सुरक्षा गार्ड ने बंदूक किस इरादे से लोड कर रखी थी? फिर वहीं आकर बंदूक कैसे चल गई? ऐसे कई सवालों ने पुलिस को उलझन में डाल दिया है। अब गोली कैसे चली, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा।
घटना मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे की है। उस समय रोडवेज बस में अधिकतर यात्री नींद में थे। किसी को अंदेशा भी नहीं था कि बस में गोली चल जाएगी। बस चालक बंटी शंखधार के मुताबिक बंदूक चलने के बाद निकली आवाज सुनकर वह समझे कि बस का टायर फट गया। पहिया देखने के लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज से कुछ आगे बस रोकी भी थी। धमाके की आवाज सुनकर बस में सवार सभी यात्री चौंक गए। हड़बड़ी में इधर-उधर देखने लगे। यात्रियों की नजर जैसे ही खून से लथपथ राजीव पर पड़ी चीख-पुकार मच गई। उसी समय गेट के सामने बंदूक लिए खड़े गजेंद्र को देखकर यात्रियों ने अनुमान लगा लिया कि इसी की बंदूक चली है और राजीव को गोली लग गई है। बस में सवार यात्रियों की माने तो उन्होंने उसी समय गजेंद्र को पकड़ लिया था। उससे यह भी पूछा था कि उसने गोली क्यों मार दी? इस पर सुरक्षा गार्ड ने बंदूक का टूटा पट्टा दिखाते हुए बताया कि अचानक पट्टा टूटने से बंदूक गिर गई और गोली चल गई। इस घटना से यह तो पुष्ट हो गया कि बंदूक लोडेड थी, लेकिन उसने क्यों लोड कर रखी थी? बंदूक का ट्रिगर कैसे दब गया? ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब अब भी पुलिस के पास नहीं है।
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शादी की खुशियां मातम में बदली
बदायूं। सुरक्षा गार्ड की गोली लगने से मौत के आगोश में समाए राजीव की बुआ निधि की शादी 26 अप्रैल को है। पूरा परिवार शादी की तैयारियों में लगा हुआ था। बुधवार को उसकी बहन पूजा के परिवार में शादी थी। राजीव इसी शादी में जाने को दिल्ली से लौट रहा था, लेकिन बदायूं पहुंचने से पहले उसके परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
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दो भाइयों में बड़ा था राजीव
बदायूं। ग्राम पिथनापुर निवासी राजीव दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई संजीव खेतीबाड़ी करता है। राजीव के एक बेटी शिवांगी है। एक छह माह का बेटा है।