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59 लाख बकाया, मेडिकल कॉलेज की बिजली काटी

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राजकीय मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। बड़े बकाएदारों के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत विद्युत वितरण खंड प्रथम ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का कनेक्शन काट दिया। विभाग ने 59 लाख से ज्यादा बकाए के आधार पर यह कार्रवाई तो कर दी पर इससे चिकित्सा कार्य और प्रकाश व्यवस्था प्रभावित हो गई। प्राचार्य ने शासन से आर्थिक मदद की मांग करते हुए डीएम और बिजली विभाग से भी मानवीय आधार पर कनेक्शन जुड़वाने की मांग की है।
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इन दिनों बिजली विभाग ने बिजली बिलों की वसूली के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। अब महकमे ने करोड़ों रुपये दबाए बैठे जिले के सरकारी दफ्तरों को निशाने पर लिया है और उनके कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को एक्सईएन विजेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे और नवागत प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह से 59 लाख 843 रुपये के बकाए का तकादा किया। प्राचार्य ने बताया कि वह चार दिन पहले ही आए हैं। अभी फंड नहीं मिला है। शासन को प्राथमिकता से लिखकर भुगतान कराएंगे। इस पर बिजली विभाग की टीम अड़ गई और कनेक्शन काट दिया। प्राचार्य ने आवश्यक सेवाओं और सरकार की ही महत्वपूर्ण इकाई होने का तर्क देते हुए अभी राहत देने को कहा पर बिजली विभाग के अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए और कार्रवाई करके चले आए। बिजली कटने के बाद स्थिति बिगड़ गई। ओपीडी सेवा प्रभावित होने के साथ ही डॉक्टर्स रूम में भी अंधेरा हो गया। शनिवार को भी यही स्थिति रही तो प्राचार्य ने कुछ जनरेटर लगवाकर व्यवस्था की। प्राचार्य समेत डॉक्टरों और स्टाफ के आवास कॉलेज परिसर में ही हैं। यहां भी अंधेरा छा गया। इन्वर्टर भी दगा दे गए। वहां भी कुछ स्थानों पर जनरेटर लगाए गए हैं।
यह हैं टॉप टेन सरकारी बकायेदार बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन प्राइमरी स्कूल- दो करोड़
बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय- 15 लाख
सदर तहसील- 12 लाख
सदर तहसील क्वार्ट्स- 22 लाख
आवास विकास परिषद- 28 लाख
पुलिस विभाग- 40 लाख
नगर पालिका- 15 लाख
जल निगम- 72 लाख
सीडीओ- 12 लाख
जिला महिला व पुरुष अस्पताल- 98 लाख
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मेडिकल कॉलेज पर बिजली विभाग का करीब 59 लाख रुपया बकाया है। इसे दिलाने के लिए हमने शासन स्तर पर बात की है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह बिल चुका दिया जाएगा। वैसे लाइट कट होने से हो रही दिक्कतों के बारे में डीएम को भी अवगत कराया है। - डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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