वजीरगंज (बदायूं)। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत वजीरगंज के श्री देवकीनंदन सेनानी स्मारक इंटर कॉलेज में ‘स्वास्थ्य और खेलकूद’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. दिनेश ने कहा कि लोग अपने परिवार के लिए दिन रात मेहनत करते हैं। इसके साथ हमें अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए। नियमित व्यायाम करना चाहिए और बाहर की तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए। खेल और स्वास्थ्य का गहरा संबंध है अत: अच्छे स्वास्थ्य के लिए खेलों को भी जीवन का अंग बनाना चाहिए।
शनिवार को हुए कार्यक्रम में सीएचसी के डॉ. दिनेश ने कहा कि खेलने से शरीर तंदुरुस्त रहता है और खानपान पर ध्यान देने से स्वास्थ्य ठीक रहता है। बाहर की चीजें खाने से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। नियमित व्यायाम करते रहें, जिससे शरीर बिल्कुल ठीक रहेगा। कॉलेज के डायरेक्टर यवन कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि हमें अपने बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लानी चाहिए। उन्हें घर के और बाहर के भोजन का महत्व समझाना चाहिए।
इस मौके पर कक्षा 11 की छात्रा वंशिका सिंह ने महिलाओं और छात्राओं से खेलकूद में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। पीटी ऊषा और मैरी कॉम देश के लिए एक उदाहरण हैं। इससे पूर्व कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया और नाटकों के माध्यम से लोगों को संदेश दिया। इस मौके पर कॉलेज के प्रधानाचार्य यशपाल सिंह सोलंकी, गीता वार्ष्णेय, प्रतिभा वार्ष्णेय, आभा वार्ष्णेय, संतोष कुमारी, मुक्ता वार्ष्णेय, लीना गुप्ता, कल्पना वार्ष्णेय, अरुण शेखर सक्सेना आदि उपस्थित रहे। संचालन अखिलेश चौहान ने किया।
रोज व्यायाम की डालें आदत
योग और व्यायाम तो हम कहीं और कभी भी कर सकते हैं। शुरुआत से ही इसकी आदत डालनी चाहिए, जिससे आगे चलकर कोई परेशानी नहीं हो। इससे शरीर स्वस्थ्य रहता है और दिमाग भी तेज होता है।
- प्रीति गुप्ता
मन मजबूत तो हर जगह स्टेडियम
आज कुछ करने के लिए किसी का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। जो लोग सोचते हैं कि स्टेडियम होता तो कुछ कर लेते। अगर उनका मन मजबूत है तो उन्हें स्टेडियम की जरूरत नहीं। वे ऐसे ही खुले मैदान पर निरंतर अभ्यास कर सकते हैं।
-अंशिका वार्ष्णेय
छात्राओं को खेल के लिए करें प्रेरित
छात्राओं को अपनी पढ़ाई के साथ साथ खेल में भी रुचि रखनी चाहिए। आज लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। जनपद से लेकर राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर रहीं हैं। यह तभी संभव है, जब उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जाए। उनका हौसला बढ़ाया जाए।
- आसिफा हाशमी
छात्राओं को करें जागरूक, माता-पिता रखें ध्यान
आज भी ग्रामीण क्षेत्र के लड़कियों में स्वास्थ्य और खेलों के प्रति रुचि नहीं है। उनके माता-पिता और शिक्षकों का दायित्व बनता है कि वे लड़कियों को जागरूक करें। उन्हें रोज व्यायाम की सलाह दें और ध्यान से कराएं भीं। तभी वे ताकतवर बनेंगी।
-मेघा चित्रांश, छात्रा