बदायूं। ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे कार्यों में प्रधान-सचिव अब मनमानी नहीं कर सकेंगे। इन पर अंकुश लगाने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर का सहारा लिया गया है। ग्राम पंचायतों में अब डिजिटल हस्ताक्षर से ही धनराशि का हिसाब होगा।
केंद्र सरकार ने ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि खाते में आने वाली राज्य वित्त एवं 14वें वित्त की धनराशि के खर्च के हिसाब की नवीन व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ग्राम निधि के खाते की धनराशि पर ऑनलाइन निगरानी करने की व्यवस्था करने जा रही है। प्रधान अब इस धनराशि में कोई गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। प्रधान और सचिव एक साथ पेन ड्राइव लगाकर अब संबंधित खातों में एक अप्रैल से आरटीजीएस के जरिए धनराशि ट्रांसफर कर सकेंगे।
शासन के निर्देश पर प्रधान व पंचायत सचिवों के डिजिटल हस्ताक्षर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह प्रक्रिया लागू होने के बाद सचिव अथवा प्रधान चेक के माध्यम से धनराशि नहीं निकाल सकेंगे। वह एक साथ डिजिटल हस्ताक्षर वाली पेन ड्राइव कंप्यूटर अथवा लैपटॉप में लगाकर अपना पासवर्ड डालकर धनराशि स्थानांतरित कर सकेंगे।
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इस नियम के बाद में कोई भुगतान चेक के माध्यम से नहीं होगा। बिना डिजिटल सिग्नेचर कोई भी ग्राम पंचायत किसी भी फर्म को भुगतान नहीं कर सकेगी। बीडीओ और सचिवों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही वे डिजिटल सिग्नेचर बनवा लें।
-शशीकांत पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी