‘मातृशक्ति की सेहत ठीक तो लक्ष्य तक पहुंचना आसान’
अमर उजाला की अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यशाला में जुटी छात्राएं, सीएमओ और चिकित्साधिकारी ने दिए सेहत के टिप्स
उझानी (बदायूं)। अमर उजाला की मुहिम ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ का कारवां शुक्रवार को बिल्सी तहसील के गांव रोहान में ओम नम: शिवाय डॉ. वीपी सिंह सोलंकी आवासीय इंटर कॉलेज में पहुंचा। मातृशक्ति की सेहत और सुरक्षा पर हुई कार्यशाला में जुटी छात्राएं स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिक जानकारियों से लेकर तरक्की के अहम मुद्दों पर संवाद करके अपने हित से रूबरू हुईं।
कार्यशाला में शिक्षिका वंदना वर्मा और शशि ने कहा कि छात्राओं को अपने हित के मुद्दों पर चर्चा करते समय संकोच नहीं करना चाहिए। उम्र के साथ शारीरिक बदलाव के दिनों में छात्राओं को वह सभी जानकारियां अपनी मां समेत घर की बड़ी महिला सदस्यों से शेयर करनी चाहिए। सीएमओ डॉ.मंजीत सिंह ने सरकारी योजनाओं के बारे में बताया। कहा कि सरकारी अस्पतालों में मातृशक्ति के स्वास्थ्य के लिए विशेष सुविधाएं हैं। छात्राओं और महिलाओं में खून की कमी की जब भी कोई दिक्कत महसूस हो तो उसके समाधान के लिए दवाएं हैं। चिकित्साधिकारी डॉ. हिना सबदर ने छात्राओं को उनके सवालों के जवाब दिए। प्रबंधक डॉ. वीपी सिंह सोलंकी और प्रधानाचार्य राजवीर सिंह ने भी छात्राओं को सेहत के टिप्स दिए। संचालन सुनील कुमार ने किया।
--------------
नजरिया छात्राओं का
समाज में जिस तरह से कुरीतियों का माहौल है, उसे मिटाने में ऐसे कार्यक्रम अहम साबित होते हैं। छात्राओं को भी जागरूकता वाली मुहिम का हिस्सा बनते रहना चाहिए।
- शीतल शाक्य
------
मातृशक्ति हर समस्या का मुकाबला कर सकती है। वह कमजोर नहीं है। उसे आगे बढ़ने के लिए अगर समय रहते प्लेटफॉर्म मिल जाए तो अच्छा है।
- अनामिका
--------
सुरक्षा और सेहत को लेकर मातृशक्ति में अभी और जागरूकता की जरूरत है। संसाधन भले ही कम हों लेकिन उनके जरिए बेहतर परिणाम सामने लाया जा सकता है।
- सृष्टि सिसोदिया
----------
भावुक अंदाज मातृशक्ति की कमजोरी नहीं कही जा सकती। यह सही है कि महिलाएं उम्मीद से अधिक सहयोग करती हैं लेकिन बराबरी की बात पर उन्हें पीछा रखा जाता है।
- संध्या