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बदतर हो रहे देहात के हालात, बुखार से दो लोगों की मौत
कई गांव में नहीं चला डीएम का सफाई अभियान, गंदगी बनी बीमारी की वजह
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। करीब एक सप्ताह से जिले में फैले बुखार की वजह और कोई नहीं, गांव-गांव फैली गंदगी मानी जा रही है। कई गांव ऐसे हैं, जहां अब तक डीएम का सफाई अभियान नहीं चला। उन गांवों की सड़कें और नालियां कीचड़ से भरी पड़ी हैं। घरों में मच्छर उत्पात मचा रहे हैं। यही वजह है स्वास्थ्य विभाग से बुखार कंट्रोल नहीं हो रहा। एक ठीक होता है, तब तक दूसरा बीमार पड़ जाता है। इसी क्रम में शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई।
मूसाझाग। जिले में फैले बुखार ने सबसे पहले समरेर ब्लाक के गांव मनिकापुर कौंर में कदम रखा था। इस गांव में एक साथ दर्जनों लोग बीमार पड़े थे। पांच दिन के अंदर तीन लोगों की मौत भी हो गई। परंतु तब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। परिणाम यह रहा कि धीरे-धीरे करके बुखार ने आस-पास के कई गांव को अपनी चपेट में ले लिया। कहने को डीएम का सफाई अभियान पूरे जिले में चला, लेकिन इस गांव में न तो सफाई हुई और न ही जिला प्रशासन ने इस ओर ध्यान दिया। इधर, दातागंज विकास खंड क्षेत्र के ग्राम सराय पिपरिया में पांच दिन के अंदर सात लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि दर्जनों लोग इस समय बीमार पड़े हैं। वह इधर-उधर इलाज करा रहे हैं और टीम भी गांव पहुंच रही है। इसके बावजूद बुखार पर कंट्रोल करना मुश्किल पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक इस गांव में सफाई अभियान चला था। परंतु किस हद तक चला, यह बुखार पीड़ितों और मरने वालों की संख्या देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची थी। टीम लोगों को दवा वितरण कर रही थी। उसी समय 20 वर्षीय अनीता पत्नी हंसराज की बुखार आने से मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
उधर, मूसाझाग गांव निवासी 50 वर्षीय सुखपाल पुत्र अभिलाख तीन दिन से बुखार से पीड़ित चल रहे थे। परिवार वालों ने उनका प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया था। शुक्रवार शाम अचानक उनकी फिर से हालत बिगड़ गई। परिवार वाले सुखपाल को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इसी तरह समरेर ब्लाक के मौजमपुर गांव में तीन लोगों और जगत क्षेत्र के ग्राम तजपुरा, लखनपुर, उतरना गांव में एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसकी वजह पर गौर करें तो ग्रामीण गंदगी मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में साफ-सफाई और छिड़काव होता रहे, तो शायद बीमारी नहीं फैले।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची
गुलड़िया। पड़ोसी गांव उतरना में बुखार से हुई अंजू सक्सेना की मौत बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम में शामिल डॉ. अवधेश चौधरी, डॉ. हेमेंद्र गंगवार, कैथरीन चंद वार्ड ब्वाय समेत चार सदस्यीय टीम ने किट द्वारा मलेरिया की जांच की और दवाइयां बांटीं। टीम ने बुखार से मृत महिला अंजू की सास सुमित्रा ( 75 ), पति चंद्र प्रकाश सक्सेना (40), भतीजे अनुज (9) के ब्लड सैंपल लिए और उन्हें डेंगू की जांच कराने की सलाह दी।
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स्वास्थ टीम ने गई गांव में लगाए कैंप, बांटी दवाएं
बगरैन। गतवर्ष क्षेत्र के पेपल गांव में बुखार से करीब 15 लोगों की मौत हुई थी। इस बार वही स्थिति न हो, इससे पहले ही शुक्रवार को स्वास्थ विभाग की टीम गांव पहुंच गई। उसके बाद टीम ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवाएं वितरित कीं। सैदपुर के ग्राम वरीपुरा में डॉ. फिरासत हुसैन के नेतृत्व में कैंप लगाकर मलेरिया की जांच की गई। बुखार से पीड़ित मरीजों की करीब 20-25 स्लाइड बनाई गईं लेकिन कोई व्यक्ति मलेरिया पीड़ित नहीं मिला। इस दौरान करीब 100 मरीजों को बुखार, खांसी, दर्द आदि की दवा दी गई। इस मौके पर डॉ. राजीव वाजपेयी, इंद्रप्रकाश आर्य, डॉ. श्यामा गनी, सिरजन, स्टाफ नर्स देवा कमाल, पूनम, आंगनबाड़ी सर्वेश देवी, बिमलेश कुमारी, एएनएम सुरेखा देवी, आशा पुष्पादेवी, ग्राम प्रधान नेमपाल सिंह, सतीश भदौरिया, राघवेंद्र, रंजीत सिंह मौजूद रहे।