फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खत्म नहीं हो रही मिड-डे मील में घपलेबाजी

विज्ञापन
food - फोटो : demo pic
विज्ञापन
बदायूं। मिड-डे मील में घपलेबाजी कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। पहले बच्चों को खराब खाना बांटा जा रहा था, अब बच्चों की संख्या में हेरफेर करके मिड-डे मील की कन्वर्जन कास्ट में गोलमाल के मामले भी सामने आने लगे हैं। मिड-डे मील की जिला समन्वयक ने मंगलवार को म्याऊं क्षेत्र के दो स्कूलों में निरीक्षण किया तो कई खामियां मिलीं। एक स्कूल में मौके पर 31 बच्चे उपस्थित पाए गए लेकिन मिड-डे मील रजिस्टर में 130 बच्चों के मिड-डे मील खाने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। जिला समन्वयक ने संबंधित प्रधानाध्यापकों को नोटिस देकर जवाब तलब करने के साथ ही वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने की बात कही है।
विज्ञापन

जिला समन्वयक हिना खान ने नौगवां नसीर नगर निवासी के जूनियर हाईस्कूल में निरीक्षण किया। वहां केवल 31 बच्चे मौजूद मिले। सुबह 11.30 बजे तक मिडडेमील बनाने की कोई तैयारी नहीं थी। बच्चों ने भी बताया कि रोज एमडीएम नहीं मिलता है। इसके अलावा स्कूल के एमडीएम रजिस्टर में रोज 130 से 140 बच्चों के भोजन करने का जिक्र था। हिना खान ने वहां मौजूद प्रधानाध्यापक राजेश राठौर से पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब न दे सके। उन्होंने यह जरूर कहा कि उन पर रूपापुर के विद्यालय का भी चार्ज है, इसलिए वह एक ही स्कूल में ज्यादा समय नहीं दे पाते। इस स्कूल के मिड-डे मील वितरण व्यवस्था में एक और खामी सामन्रे आइ। आमतौर पर प्रधान से विवाद की स्थिति में डीएम की संस्तुति के बाद प्रधानाध्यापक और स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ही एमडीएम का खाता संचालन करते हैं लेकिन राजेश राठौर ने तत्कालीन बीईओ के हस्ताक्षर से ही खाता संचालन बदलवा लिया। हिना खान ने हंडौरा जूनियर हाईस्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्हें दोपहर 2.30 बजे ही स्कूल बंद मिला, जबकि तीन बजे तक स्कूल खुलने के निर्देश हैं। उन्होंने बताया कि बीएसए को दोनों मामलों की रिपोर्ट भेजी है, उन्हीं के स्तर से कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें