मेला ककोड़ा। रूहेलखंड के प्रसिद्ध मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में रविवार अवकाश का दिन लोगों ने पूरी तरह एन्जॉय किया। अधिकतर लोगों ने परिवारों के साथ मस्ती की तो कई लोग धार्मिक अनुष्ठान करते नजर आए।
शनिवार को परिवार समेत गंगास्नान को गए कई परिवारों ने तंबू लगाकर रविवार को भी मेले का आनंद लिया। वहीं कई लोग तो जाम आदि की दिक्कत की वजह से जानबूझकर शनिवार को मेले में नहीं आए थे। ऐसे लोग रविवार का अवकाश मनाने के लिहाज से परिवार को लेकर गंगा तट पर पहुंचे। बच्चों के साथ पानी में अठखेलियां कीं तो गंगा किनारे चाट पकौड़ी का आनंद लिया। मेले में मार्डन कल्चर के तौर पर पिज्जा, चाऊमीन और बर्गर जैसी चीजें भी मौजूद थीं। बच्चे मचले तो घरवालों ने भी उनके साथ इनका आनंद लिया। रविवार सुबह श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर मां भागीरथी की पूजा अर्चना की। दीपदान के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य किया। गंगा तट पर कई जगह कन्या भोज कराया गया। वहीं बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए। कई लोगों ने मनोकामना पूर्ण होने पर यज्ञ किया तो कई ने मां गंगा का पूजन करके उन्हें साड़ी पहनाई। लोगों ने मां भागीरथी की पूजा अर्चना की और आरती के बाद दीपदान किया। कन्याओं को खीर पूड़ी, हलवा चना, दही जलेबी और मिष्ठान का भोज कराया। श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे कुष्ट रोगियों, गरीब असहाय लोगों को आटा, धन, वस्त्र, फल, दाल, खिचड़ी आदि दानपुण्य कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
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गंगपुर से मेला तक फिर लगा जाम
रविवार को भी मेला मार्ग पर जाम की स्थिति बनी। यूं तो कादरचौक से मेला तक दिन भर जाम लगता और हटता रहा। वहीं दोपहर दो बजे बजरी भरा ट्रक खराब होने से गंगपुर से मेलास्थल तक के पांच किमी के मार्ग पर लंबा जाम लग गया। करीब चार बजे तक जाम लगा रहा। पुलिस ने इसे खुलवाकर लोगों को राहत दी। सैकड़ों वाहन और हजारों श्रद्धालु दिन भर जाम में फंसे रहे। जाम में फंसे बच्चे भूखे प्यासे रहे। काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाल पाए।
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प्रदर्शनी में जादूगर ने दिखाए करतब
मेला ककोड़ा में प्रर्दशनी कला मंच में जादूगर जेके सागर ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले शौच से मुक्ति, परिवार नियोजन, महिलाओं के टीकाकरण, अंधविश्वास एवं कुरीतियां की जादू के माध्यम से जानकारी दी। इसके अलावा मेले में जिपं की ओर से कैंप लगाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए गए।
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झूले का लॉक खुलने से बच्चा फंसा, दंपति भी घायल
मेला ककोड़ा में कई जगह हादसे हुए। भरकुइयां गांव निवासी कृष्ण अवतार अपनी पत्नी बबिता के साथ मेले से बाइक पर लौट रहे थे। अज्ञात वाहन की टक्कर से दंपति बुरी तरह घायल हो गए। इन्हें पीएचसी से जिला अस्पताल भेजा गया। मेले में बच्चों के लिए कई झूले लगे हैं। रविवार दोपहर दो बजे अलापुर निवासी शिक्षक श्यामनिवास का नौ वर्षीय पुत्र संस्कार अपने पिता के साथ ब्रेक डांस का झूला झूलने गया। जैसे ही झूला चलने लगा, लॉक खुल गया। संस्कार झूले की सीट से निकलकर बाहर गिरा। संस्कार के दोनों पैर नीचे सीट में फंस गए। झूले में रगड़ने से उसके दोनों पैरों में चोटें आई हैं। श्यामनिवास की झूले वालों से काफी कहासुनी हुई। इसके बाद मामला शांत हो सका।
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मेले में बच्चों और महिलाओं ने खरीदारी
महिला, पुरुषों और बच्चों ने मेेले में जमकर खरीदारी की। मीना बाजार में खरीदारी को महिलाओं का जन सैलाब उमड़ा और उन्होंने अपने सौंदर्य प्रसाधन का सामान खूब खरीदा। वहीं पुरुषों ने भी अपना घरेलू सामान खरीदा। बच्चे भी पीछे नहीं रहे। बच्चों ने भी अपने बंदूक, गेंद, गुड़िया, लेहढ़ू, एक पहिया गाड़ी, चरखी, पपइया, कार और घोष खरीदा।
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स्काउटों ने 350 लोग परिवार से मिलाए
मेले में स्काउट गाइड संस्था ने जिला संगठन कमिश्नर प्रवेश कुमार सिंह राठौर के नेतृत्व में 350 खोए बच्चों और बुजुर्गों को उनके परिवारों से मिलाया। इस मौके पर माधव सिंह, अशोक शाक्य, देशराज, योगेश, रूबी राठौर, उदयसिंह, नंदराम शाक्य, रवेंद्र सिंह आदि शिक्षकों का विशेष सहयोग रहा।
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गायत्री परिवार ने चलाया सफाई अभियान
मेला में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से मुख्य गंगा घाट पर गायत्री परिजनों ने सफाई अभियान चलाया। गंगा तट पर फैले कूड़ा करकट को भूविर्सजित किया। गायत्री परिवार के शिविर में नशा एवं व्यसन मुक्ति प्रदर्शनी रघुनाथ सिंह के नेतृत्व में लगाई गई। इसमें युवाओं को नशा न करने का संदेश दिया गया। गायत्री परिजनों ने महायज्ञ किया। प्रज्ञा मंडल के भवेश शर्मा ने वेदमंत्रोच्चारण कर यज्ञ कराया। सुखपाल शर्मा और रघुनाथ सिंह ने मां गंगा का पूजन किया। डॉ. वीपी शर्मा, प्रमोद पाठक, श्याम निवास, नरेंद्र कुमार मुख्य यजमान के रूप में रहे। इस मौके पर सुखपाल शर्मा, तेजराम शर्मा, सुशील आदि मौजूद रहे।
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गंगा किनारे भव्य था महाआरती का नजारा
रविवार शाम भी काशी के विद्वानों ने गंगा घाट पर महाआरती की। इस दौरान दीपों की रोशनी से गंगा का तट प्रकाशमान हो गया। हजारों श्रद्धालु महाआरती के साक्षी बने और मां गंगा का स्मरण किया। गंगा महासभा की टीम भी इस दौरान मेले में मौजूद रही।