बदायूं। जनपद के प्रभारी मंत्री के सामने कई अधिकारियों पर सरकार के नुमाइंदों की ओर से खुलेआम लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की आज सरकारी दफ्तरों में चर्चा रही। इसी पर चर्चा चलती रही कि कोई जाएगा भी या फिर आम शिकायतों की तरह यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
पहली बार जिला योजना की बैठक में यह देखने में आया जब सत्तापक्ष के विधायक और सांसद ने कई अधिकारियों पर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। जनप्रतिनिधियों ने विकास भवन के एक कर्मचारी का मामला भी उठाया। जब सत्तापक्ष के नुमाइंदे आरोप लगा रहे थे तब प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य उनकी बात को पूरी तरह से सुन रहे थे। उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी नहीं बचेेंगे।
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यूनिफार्म सत्यापन को दिए निर्देश बदायूं। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को वितरित की गई यूनिफार्म की गुणवत्ता की जांच को बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। यहां बता दें कि जिला योजना की बैठक में प्रभारी मंत्री के सामने सांसद और विधायक ने बीएसए पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
जनप्रतिनिधियों ने कहा था कि बच्चों को वितरित की गई यूनिफार्म की गुणवत्ता से मजाक किया गया है। बीएसए की जानकारी में होने के बाद भी ऐसा होता रहा। प्रभारी मंत्री ने यूनिफार्म के वितरण में हुई धांधली के मामले को गंभीरता से लिया। इसी क्रम में बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को यूनिफार्म के सत्यापन के निर्देश दिए हैं। कहा है कि जल्द ही सत्यापन रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए।