बदायूं। सपा शासनकाल में जिले में बनाए गए तीन ब्लाक दबतोरी, नाधा और बिनावर शायद कागजों में ही हैं। इन ब्लाकों में शामिल गांवों के लोगों को अपने किसी भी कार्य के लिए आज भी अपने पुराने ब्लाक मुख्यालय पर दौड़ना पड़ रही है। हालांकि पूर्व सरकार की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने इन ब्लाकों में अस्थायी रूप से स्टाफ की तैनाती कर दी थी लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इन नवसृजित ब्लाकों का अस्तित्व ही खत्म हो गया है। जिले के आला अफसरों का भी कहना है कि शासन से इन ब्लाकों के बारे में कोई गाइड लाइन नहीं मिली है, लिहाजा जिन ब्लाकों को तोड़कर इन्हें बनाया गया वहीं पर जनता के कार्य हो रहे हैं।
सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम समय में जिले की जनता की मांग पर ब्लाक सालारपुर, जगत के गांवों को मिलाकर बिनावर, आसफपुर और बिसौली ब्लाक के गांवों को शामिल करके दबतोरी तथा सहसवान, इस्लामनगर तथा दहगवां के गांवों को मिलाकर नया नाधा ब्लाक बनाया था। इन ब्लाकों को बनाए जाने के संबंध में 20 दिसंबर 16 को सरकार ने गजट किया था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई धर्मेंद्र यादव बदायूं के सांसद हैं सो सरकार ने तत्काल ही नवसृजति ब्लाकों में काम करने के आदेश जारी कर दिए थे। तत्कालीन डीएम पवन कुमार ने इन ब्लाकों के संचालन को अस्थायी रूप से बीडीओ समेत अन्य स्टाफ की तैनाती कर दी। अधिकारियों को इस बात की हिदायत भी दी थी कि नवसृजित गांवों की जनता की समस्याओं को वहीं पर निपटाया जाए। कुछ समय तक अधिकारियों-कर्मचारियों ने नवसृजित ब्लाकों में काम भी किया लेकिन सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद अधिकारियों ने नवसृजित ब्लाकों को ऐसा भुला दिया है जैसे वह बने ही नहीं हैं। इन ब्लाक क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उन्हें ब्लाक से कोई फायदा नहीं हो रहा है, उन्हें पहले की तरह पूर्व के ब्लाक मुख्यालय पर ही अपने किसी भी कार्य को दौड़ना पड़ रहा है।
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...नाधा को लेकर चल रहा है विवाद
बदायूं। सहसवान, दहगवां और इस्लामनगर के गांवों को शामिल करके बनाए गए नाधा ब्लाक को लेकर विवाद भी चल रहा है। नाधा के स्थान पर बिल्सी-इस्लामनगर रोड स्थित गांव उघैती को ब्लाक बनाए जाने की मांग उस क्षेत्र की जनता कर रही है। नाधा और उघैती क्षेत्र के कई लोगों ने प्रशासन को पत्र दिए हैं। नाधा में ब्लाक मुख्यालय के भवन को भूमि भी उपलब्ध नहीं हो सकी थी।
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.....276.62 लाख का प्रस्ताव बदायूं। नवसृजित ब्लाक मुख्यालय के भवन निर्माण को तीन संस्थाओं की ओर से शासन को धनराशि उपलब्ध कराने को प्रस्ताव भेजा गया है जिस पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) ने 276.62 लाख, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने 275.90 और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम बरेली यूनिट 2 ने 280.96 लाख का प्रस्ताव भवन के लिए भेजा। यह प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है।
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किस ब्लाक में कौन सी न्याय पंचायत हुई शामिल
नाधा ब्लाक में- सहसवान, दहगवां और इस्लामनगर की न्याय पंचायत रियोनाई, खंडुआ, दानपुर, नाधा, शादीपुर, करियामई, ईखखेड़ा, नूरपुर पिनौनी की 58 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।
-वहीं समरेर, सालारपुर, जगत ब्लाकों से न्याय पंचातयत बिनावर, पुठीसराय, रैपुरा, मलगांव, खुनक, हसनपुर, मझारा की करीब 59 ग्राम पंचायतों को और ब्लाक आसफपुर एवं बिसौली की मुसिया नगला, निजामुदीनपुर शाह, पृथ्वीपुर, करखेड़ी की करीब 37 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।
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शासन की ओर से नए ब्लाकों को संचालित कराने का निर्देश नही है। शासन की ओर से कोई निर्देश आता है तो आगे की कारवाई की जाएगी। नाधा और उघैती को ब्लाक बनाने को लेकर अभी असमंजस बना हुआ है।
-शेषमणि पांडेय, सीडीओ