बदायूं। शहर में संतोष सिंह तिराहा के पास बने पीसीएफ गोदाम से 3102 मीट्रिक टन यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद गायब कर दी गई, जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ बताई जा रही है। इस घोटाले का खुलासा डीएम दिनेश कुमार सिंह द्वारा बनाई गई टीम के शनिवार को छापा मारने पर हुआ। अफसरों की टीम को देखकर एक केंद्र प्रभारी भाग गया, जबकि दूसरे को मौके पर रोक लिया गया। टीम के चेक करने पर पता चाल कि गोदाम से खाद गायब थी, जबकि रिकार्ड में चढ़ी थी। टीम ने कई घंटे छानबीन करने के बाद अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। डीएम के निर्देश पर पीसीएफ अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले बरेली से 2836 मीट्रिक टन यूरिया, 150 मीट्रिक टन डीएपी और 116 मीट्रिक टन एनपीके यहां स्थित पीसीएफ के गोदाम लाई गई थी। बावजूद इसके किसानों को गोदाम से खाद नहीं दी जा रही थी। खाद न मिलने की शिकायत डीएम तक पहुंची। डीएम के जानकारी लेने पर पता चला कि बदायूं की डिमांड के मुताबिक खाद भेजी जा चुकी है। लगभग ढाई करोड़ की खाद गायब होने के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया। उन्होंने जिला मनोरंजन निरीक्षक अभिषेक सिंह, जिला बचत अधिकारी संजीव सक्सेना और भूमि संरक्षण अधिकारी नरेंद्र यादव की टीम बनाकर शनिवार दोपहर पीसीएफ गोदाम पर छापा मारने भेजा। तीनों अफसर पीसीएफ गोदाम पहुंचे तो उन्हें देखकर एक केंद्र प्रभारी जगतपाल फरार हो गया। दूसरे केंद्र प्रभारी धीरेंद्र कुमार को रोककर टीम ने पूरी जानकारी ली। टीम ने गोदाम में घुसकर देखा तो उसमें कुछ नहीं था। उन्होंने दस्तावेज चेक किए तो रिकार्ड में खाद आना चढ़ा हुआ था। टीम के पूछने पर केंद्र प्रभारी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। टीम ने करीब चार घंटे छानबीन करने के बाद डीएम को रिपोर्ट सौंप दी। देर शाम डीएम ने एआर कोआपरेटिव और जिला कृषि अधिकारी को बुलाकर इस पूरे घोटाले पर चर्चा की। साथ ही दोषी कोआपरेटिव अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
पीसीएफ गोदाम से यूरिया गायब मिली है। एआर कॉपरेटिव को जांच कर दोषी पीसीएफ अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
- दिनेश कुमार सिंह, डीएम