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सीएचसी में बदइंतजामी पर खफा हुए एडी हेल्थ
जगतपुर सीएचसी का निरीक्षण, इमरजेंसी का गेट खोलने और मरीज भर्ती करने के निर्देश, बुखार पीड़ित गांव का किया दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं (मूसाझाग)। एडी हेल्थ डॉ. एसपी अग्रवाल ने रविवार सुबह अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगत पर छापा मारा। इस दौरान उन्हें केंद्र पर गंदगी और बदइंतजामी मिली। इमरजेंसी के गेट पर ताला लटका देख कर उनका मूड बिगड़ गया। उन्होंने एमओआईसी को जमकर लताड़ लगाई। साथ ही व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। इसके बाद एडी ने ग्राम कमालपुर और परसुरा जाकर हालत देखे।
रविवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे एडी हेल्थ डॉ. एसपी अग्रवाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगत पहुंचे। उस समय वहां एमओआईसी डॉ. पवन कुमार गुप्ता मौजूद थे। एडी ने सबसे पहले स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कर्मचारियों और डॉक्टरों का उपस्थिति रजिस्टर चैक किया। उसमें कुछ कर्मचारी कर्मचारी गायब थे। हालांकि एमओआईसी ने उन्हें क्षेत्र में टीम के साथ जाना बताया। सीएचसी के इमरजेंसी के गेट पर ताला लटका था। वहां पूछताछ में पता चला कि पहले इसी गेट से गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता था। परंतु धीरे-धीरे यहां के डॉक्टरों ने मरीजों को सीधे रैफर करने की आदत डाल ली और हमेशा के लिए इमरजेंसी गेट पर ताले डाल दिए गए। इस पर भी एडी ने नाराजगी जताई। साथ ही फटकार लगाते हुए कहा कि कम से कम छोटा मोटा काम सीएचसी में संभव है तो उसे तुरंत किया जाना चाहिए। अब यह गेट कभी बंद नहीं किया जाएगा। दोबारा बंद पाया गया कि तो एमओआईसी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
इधर, सीएचसी का निरीक्षण करने के बाद एडी बुखार प्रभावित गांव कमालपुर पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर बैठक की। ग्रामीणों को समझाया गया कि वह अपने घर के आसपास गंदगी न होने दें। क्यूरीन की गोली एक बाल्टी पानी में डाल लें और उसे छानकर ही पीएं। मच्छरदानी का प्रयोग करें और सरकारी अस्पताल में ही इलाज कराएं, तभी बुखार पर कंट्रोल पाना आसान होगा। कमालपुर के पड़ोसी गांव में भी एडी ने यही बातें समझाईं। दोपहर के समय उन्होंने डीएम दिनेश कुमार सिंह से मुलाकात कर जिले में बुखार के प्रकोप पर चर्चा की। उसके बाद वह बरेली रवाना हो गए।
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अंधरऊ गांव में लगाया स्वास्थ्य शिविर
मूसाझाग। क्षेत्र के ग्राम अंधरऊ में रविवार को स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। सर्दी-बुखार से पीड़ित लोगों का चेकअप किया गया और उन्हें दवाएं वितरित की गईं। साथ ही ग्रामीणों को अपना उचित इलाज कराने के बारे में समझाया गया। इस दौरान डॉ. विवेक कुमार, आरिफ गाजी आदि मौजूद रहे।
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छिड़काव से वंचित हैं क्षेत्र के दर्जनों गांव
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कुंवरगांव । सालारपुर विकास खंड क्षेत्र के दर्जनों गांव आज भी दवा के छिड़काव से वंचित हैं। दर्जनों गांव में लोग बीमार पड़े हैं। कई लोगों की मौत हो चुकी है। फरीदपुर चकोलर निवासी गौशाला (11) पुत्री साहब सिंह की रविवार सुबह बुखार से मौत हो गई। वहीं ग्राम सिगोई निवासी रामवीर (60) को पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजन रविवार सुबह उन्हें बरेली ले जा रहे थे। रास्ते में रामवीर की मौत हो गई। इस गांव में अभी भी सौ से अधिक लोग बीमार हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक गांव में स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम दवा का छिड़काव करने और दवा वितरित करने नहीं आई है।
बीघानगला के सैकड़ों लोग बीमार
आसफपुर। जिले फैले बुखार ने अब आसफपुर क्षेत्र में भी दस्तक दे दी है। ग्राम भूड बिसौली में करीब 12 वर्षीय लड़के की शनिवार रात मौत हो गई। ग्राम नरौरी नरौरा, सिसरका, पहाड़पुर, बीघानगला, अजीतपुर समेत दर्जनों गांवों में बुखार का कहर बदस्तूर जारी है। ग्राम भूड़ बिसौली में दीपक, अनमोल, कुंवरपाल, महेंद्र, भूरी, निशा, वीरेश, साक्षी, आरती, पप्पू, मालदेई, ममता देवी, प्रियांशी, अंकुर, आशीष, भूरे, संध्या, नंदकिशोर, सीमा, प्रभाशंकर, विवेक, रामवती, फूलवती, मीना, सरोज, अनिल, ध्रुव व राय सिंह आदि बुखार से पीड़ित हैं। परंतु अभी तक इन गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है।
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घबराएं नहीं ... बुखार आए तो डॉक्टर को दिखाएं
बुखार में भोजन ना छोड़ें, झोलाछाप के चक्कर में न पड़ें मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। डॉक्टरों का कहना है कि हल्का बुखार आने पर भी लोग भोजन छोड़ देते हैं। यह गलत है। डॉक्टरों के मुताबिक बुखार आने पर लोग घबराएं नहीं। किसी सरकारी या अच्छे डॉक्टर के पास जाकर इलाज कराएं। बुखार आने पर खाली पेट न रहें। भोजने करें या मसलन दलिया, खीर, नींबू-पानी जरूर लें। इससे शरीर में प्लेटलेट्स कम नहीं हों। मच्छरों से बचने को लोग मच्छरदानी का उपयोग जरूर करें। घर में और आसपास साफ सफाई रखें। झोलाछाप के चक्कर में न पड़ें।
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इस समय टाइफाइड, मलेरिया और वायरल बुखार चल रहा है। ऐसे में मरीज ड्रिप (बोतल) के चक्कर में न पड़े। यही सब कुछ नहीं है। मरीज को भोजन नहीं छोड़ना चाहिए। भोजन नहीं खाएगा तो उसकी परेशानी और बढ़ेगी। प्राथमिक उपचार यही है कि लोग मच्छरों से बचाव रखें। खास तौर पर दिन में काटने मच्छरों से बचें। जहां जलभराव दिखाई दे, उसे तुरंत मिट्टी डालकर पाट दें। बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
-डॉ. अरुण यादव, फिजीशियन
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इस समय लोगों में वायरल, मलेरिया, डेंगू और दिमागी बुखार पाया जा रहा है। इससे शरीर में दर्द, चिड़चिड़ापन, अकड़न, ठंड लगकर बुखार आना, बेहोशी और दौरे भी पड़ने लगते हैं। मुंह से भी झाग आते हैं। ऐसे में मरीज को घबराना नहीं चाहिए। वह खाना जरूर खाए, भूख नहीं लगे तो खीर, दलिया, पपीता खाए। नहीं तो तरल पदार्थ जरूर लें, जिससे उसके शरीर में प्लेटलेट्स कम न हों। बाकी डॉक्टर से मिलकर दवा लें।
-डॉ. शरद गुप्ता, फिजीशियन
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जुलाई-अगस्त के महीने में ही इस तरह की बीमारी फैलती हैं। हमारे पास जो भी मरीज आए, उनकी ब्लड जांच में फैंसी फेरम और वाईवैक्स मलेरिया निकला। फैंसीफेरम मलेरिया से ब्लड प्रेशर बहुत कम हो जाता है। प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। खाना-पीना न छोड़ें, कुछ न कुछ जरूर खाएं। पतली दाल खाएं या फिर नींबू पानी लें। बुखार पर काबू पाने के लिए ताजा पानी में कपड़ा भिगोकर मरीज का पूरा शरीर पोछें, जिससे बुखार जल्दी उतर जाता है।
-डॉ. एके वर्मा, सर्जन