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डिजाइनर परिधानों में नजर आएंगे नंदलाल, बाजार गुलजार
बाजार में इस बार कान्हा के नए डिजाइन के परिधान
मंदिरों में व्यवस्थाएं होने लगी चाकचौबंद, जन्माष्टमी कल अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिले भर में जन्माष्टमी को लेकर हर कोई उत्साहित नजर आ रहा है। सोमवार को जिले भर में जन्माष्टमी हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। नटखट कान्हा की अगवानी के लिए शहरवासी पूरे जोश में नजर आ रहे हैं। मंदिरों में भी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर ली गई है। बाजार पर भी कान्हा के प्रेम की खुमारी चढ़ गई है। बाजार में कान्हा के परिधानों के साथ-साथ नंदलाल के स्वरूप, शृंगार सामग्री आदि की भारी खेप मौजूद है। लेकिन एक खास बात जो परिधानों में देखी जा रही है वह यह है कि पहले एक ही पैटर्न के परिधान कान्हा के लिए होते थे, जिसमें चुनरी, लहंगा आदि होता था, लेकिन इस बाद लहंगा और चुनरी भी अलग-अलग पैटर्न में मौजूद हैं। वहीं दुकानों को इस तरह से सजाया गया है कि मानों हर दुकान में लड्डू गोपाल विद्यमान हों गए हों। लड्डू गोपाल के सुंदर स्वरूप हर किसी को आकर्षित कर रहे हैं।
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80 से लेकर 500 रुपये तक के परिधान दुकानों पर उपलब्ध बाजार में कान्हा के 80 से लेकर 500 रुपये तक के आकर्षक डिजाइन के परिधान लोग खूब खरीद रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक इस बार लहंगा और चुनरी के डिजाइन में बदलाव किया गया है। जिससे कपड़े और भी ज्यादा आकर्षक लग रहे हैं। ---
सच्चे मोतियों के साथ जरकीन की माला से भी होगा शृंगार कान्हा के रूप को चार चांद लगाने के लिए बाजार में बहुत ही खूबसूरत साज-सज्जा का सामान है। सच्चे मोतियों की माला के साथ, जरकीन से तैयार माला, पाजेब और कुंडलों को भी लोग काफी पसंद कर रहे हैं। ----
मंदिरों की व्यवस्थाएं होने लगी चाक चौबंद
शहर के जोगी पुरा मोहल्ले स्थित शिव मंदिर, गौरी शंकर मंदिर और नगला मंदिर में सफाई के साथ ही रंगरोगन का कार्य प्रारंभ हो गया है। पुजारियों के मुताबिक रविवार को देर शाम तक सफाई तथा रंगरोगन के कार्य को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। रविवार रात को ही रंग बिरंगी लाइटों से मंदिरों का सजाया जाएगा। वहीं सोमवार को कान्हा के जन्म के बाद उनके स्वरूप का विधिवत शृंगार कर भक्तों के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे।
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रोहिणी नक्षत्र का बन रहा संयोग गौरी शंकर मंदिर के पुजारी पं. किशन शंखधार ने बताया कि रविवार को उदीया तिथि की सप्तमी है। वहीं रविवार को ही शाम 8:46 मिनट के बाद से अष्टमी प्रारंभ हो जाएगी, जो कि सोमवार को शाम 7:19 मिनट रहेगी। इस समय में ही रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। जो कि भक्तों के लिए बहुत ही लाभकारी है। मथुरा में भी सोमवार को ही जन्माष्टमी मनाई जाएगी। दुकानदार रोहित का कहना है कि पहले एक ही पैटर्न के लहंगा चुनरी विभिन्न रंगों में आते थे। लेकिन इस बार राजस्थानी लुक और डिजाइन के लहंगे ग्राहक ज्यादा पसंद कर रहे है। सागर ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न लोग सच्चे मोती से तैयार शृंगार सामग्री खरीद रहे हैं जो कि जरकीन से तैयार सामग्री की तुलना में 40 फीसदी महंगी है।