बदायूं। समायोजन रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आहत पूर्व में समायोजित शिक्षामित्रों ने अब प्रदेश सरकार से अपनी नौकरी बचाए रखने की मांग पुरजोर ढंग से उठाने की रणनीति बनाई है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिले के समायोजित और कार्यरत शिक्षामित्रों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर मालवीय आवास पर अनिश्चतकालीन धरना शुुरू कर दिया। शिक्षामित्र संगठनों ने प्रदेश सरकार से अपनी नौकरी के स्थायी समाधान की मांग उठाते हुए मांग पूरी होने न होने तक स्कूलों में शिक्षण कार्य बाधित रखने का एलान किया है। धरने पर बैठे शिक्षामित्रों ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि वे अपने भविष्य के लिए हर स्तर पर लड़ेंगे।
सैकड़ों समायोजित और कार्यरत शिक्षामित्रों ने आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के संयुक्त बैनर तले मालवीय आवास पर धरने में जुटे। इस दौरान दोनों संगठनों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश सरकार से खुद को शिक्षक सहायक और शिक्षा समन्वयक के रूप में नौकरी का स्थायी बंदोबस्त करने की मांग की। समायोजित शिक्षकों के नेताओं ने कहा कि उनको शिक्षकों के वेतनक्रम पर ही नौकरी चाहिए और इसके लिए अब कोई भी लड़ाई लड़नी पड़े लड़ी जाएगी। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महामंत्री सतीश चंद्र गुप्ता और प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला महामंत्री लक्ष्मण यादव ने बताया कि मांगें पूरी होने तक जिले भर के समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र स्कूलों में न जाकर शिक्षण कार्य बाधित रखेंगे। धरने के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया गया। धरना-प्रदर्शन में निर्भान सिंह यादव, दिनेश चौधरी, कमलेश, मुनेंद्र पाल सिंह, मनोज यादव, मृदुलेश यादव, अनुज शर्मा, रजनीश मिश्रा, गजेंद्र सागर, गजेंद्र सिंह, महेश यादव, अनुज सिंह, ओमवीर, अनीता भारती, लज्जावती, माजिद खां, सतीश कुमार, रामकुंवर आदि ने भी विचार रखे।