बदायूं। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम न्यायाधीश किरनबाला ने दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपी को दोषी करार देते हुए आठ साल की कड़ी कैद और 28 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि से आधी रकम बतौर मुआवजा पीड़ित को देने का आदेश दिया है।
घटना संभल जिले के थाना रजपुरा में 30 अप्रैल 2012 को हुई थी। थाना क्षेत्र के गांव के एक व्यक्ति ने तीन मई 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी 30 अप्रैल 2012 को खेत पर गई थी। जब बेटी देर रात तक नहीं लौटी तो उसने तलाश शुरू की। गांव के ही एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी को उसने सेठी उर्फ कुलवीर पुत्र वीरेंद्र के साथ जाते हुए देखा था। आरोपी उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसला कर ले गया। दो मई को आरोपी सेठी उर्फ कुलवीर ने उसे फोन पर धमकी दी कि उसने पुलिस को सूचना दी तो उसकी बेटी को जान से मार देगा। थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद बेटी को बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया।
विद्वान न्यायाधीश किरनबाला ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुकेश बाबू यादव और बचाव पक्ष के वकीलों को सुनने के बाद आरोपी सेठी उर्फ कुलवीर को दोषी करार दिया। उसे आठ साल कैद और 28 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।