बदायूं। जहरखुरानी गिरोह के शिकार युवक के पैरों पर बोझदार कट्टा रखने की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। हालांकि विभागीय अधिकारी इससे बचते नजर आ रहे हैं, लेकिन गुरुवार को यहां पहुंचीं एडी हेल्थ ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी लापरवाही को अनदेखा नहीं किया जाएगा। इस मामले में जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।
एडी हेल्थ डॉ. प्रमिला गौड़ गुरुवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचीं। उनके साथ ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. हरीश चंद्रा भी थे। उन्होंने सबसे पहले सीएमएस डॉ. भारत भूषण पुष्कर से ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित फोटो पर जवाब मांगा, जिस पर सीएमएस अपनी सफाई देते नजर आए। उन्होंने कर्मचारियों की कमी बताते हुए कहा कि जिला अस्पताल में बेहोश मरीज को लाया जरूर गया था लेकिन उस समय उसके साथ कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इससे कर्मचारी मरीज के साथ स्ट्रेचर पर उसका सामान भी रखकर ले गए थे। इस पर एडी हेल्थ ने कहा कि यह व्यवस्थाओं में चूक का नतीजा है। अगर किसी मरीज के साथ कोई नहीं होगा तो उसके ऊपर उसका सामान नहीं रख देंगे। इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
इस दौरान एडी हेल्थ ने अस्पताल की इमरजेंसी, ओपीडी और कई वार्डों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि अब जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं के सुधार को गार्ड लगाए जाएंगे। इसके साथ ही नई इमरजेंसी शुरू करने के लिए आगे लगे दो पिलर हटाए जाएंगे, जिससे इमरजेंसी के बाहर एंबुलेंस का आना-जाना शुरू हो सके।
प्रसूता से पांच हजार रुपये हड़पने की भी जांच होगी
महिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों से अवैध वसूली के मामले थमने के नाम नहीं नहीं ले रहे हैं। बुधवार शाम भी एक प्रसूता के परिवार वालों से पांच हजार रुपये लिए गए। इसकी शिकायत पर एडी हेल्थ ने जांच के आदेश दे दिए हैं, साथ ही उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है।
बुधवार शाम ककराला निवासी फूलमियां ने अपनी गर्भवती पत्नी चंदा को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिवार वालों का आरोप है कि उनके साथ एक आशा भी आई थी। डिलीवरी से पहले आशा ने कहा था कि चंदा का ऑपरेशन होगा। इसके लिए डॉक्टर और स्टाफ नर्स पांच हजार रुपये मांग रहीं हैं। चंदा की परवाह करते हुए उन्होंने आशा को पांच हजार रुपये दे दिए, जो उसने इमरजेंसी में अंदर ले जाकर डॉक्टर और स्टाफ को बांट दिए, जबकि चंदा की नार्मल डिलीवरी हुई थी। इसके बारे में उन्होंने सीएमएस से भी शिकायत की थी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इधर, गुरुवार दोपहर एडी हेल्थ महिला अस्पताल पहुंचीं तो परिवार वालों ने सीधे उनसे शिकायत की। जिस पर एडी हेल्थ ने वार्ड में जाकर अन्य मरीजों से भी बातचीत की। मरीजों को समझाया कि वह किसी को पैसे न दें। अगर कोई मांगता है तो उसकी तुरंत शिकायत करें। अवैध वसूली के मामले में उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं।
सीएमओ कार्यालय में गायब मिली डॉक्टर और लिपिक
एडी हेल्थ डॉ.प्रमिला गौड़ और ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. हरीश चंद्रा सीएमओ कार्यालय के हालत देखकर चौंक गए। सीएमओ कार्यालय में पंखे और एसी खराब मिले, वहीं डॉ. संध्या कई महीनों से अनुपस्थित थीं। कार्यालय में कई लिपिक गायब मिले। उन्होंने सभी लिपिकों की अनुपस्थिति लगा दी। कहा कि बगैर उनकी अनुमति के किसी का वेतन नहीं निकाला जाएगा।
दो प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ होगी एफआईआर
विवाद के बाद लंबे समय से बंद रहे दो प्राइवेट अस्पताल अब दोबारा खुल गए हैं। इनमें एक खेड़ा नवादा तथा दूसरा नई सराय के पास स्थित है। एडी हेल्थ ने दोनों अस्पतालों की जानकारी लेते हुए सीएमओ को उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। कहा कि दोनों अस्पताल तुरंत बंद कराए जाएं। अगर नहीं मानें तो अगली कार्रवाई करें।
वजीरगंज के झोलाछाप पर कसेगा शिकंजा
एक दिन पहले वजीरगंज कस्बे में स्थित झोलाछाप के क्लीनिक पर एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। इससे परिवार वालों ने हंगामा किया था लेकिन बाद में दलालों ने दोनों पक्षों के बीच मामला रफादफा करा दिया था। इस मामले को भी एडी हेल्थ ने गंभीरता से लेते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।