उझानी (बदायूं)। गेहूं की फसल के लिए एक बार फिर से अच्छे दिनों की शुरुआत हो गई है। बुधवार सुबह हल्की बूंदाबांदी के साथ आसमान में मंडराते नजर आए काले-काले बदरा ने सरसों की फसल के लिए खतरा बढ़ा दिया है, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान खेतों में कटी पड़ी सरसों को होने की आशंका बनी हुई है। मौसम साफ नहीं हुआ तो सरसों के दाने सड़ सकते हैं।
बूंदाबांदी की शुरुआत बुधवार तड़के से हो गई। मंगलवार शाम को आसमान में बादल छा जाने से लगने लगा था कि बारिश तेज होगी लेकिन अगले दिन दोपहर बाद तक रुक-रुककर तीन बार बूंदाबांदी हुई। गेहूं की फसल के लिए अच्छे दिनों की उम्मीद के साथ उत्पादकों को खुुुशी इस बात की ज्यादा है कि मौसम ने इसी तरह से साथ दिया तो बंपर पैदावार होगी। किसानों का कहना है कि गेहूं की बुआई के बाद कल्ले फूटने के समय जिस तरह से तापमान बढ़ा उससे बढ़वार प्रभावित हो गई थी। फिर पिछले महीने हुई बारिश ने गेहूं के लिए संजीवनी का काम किया। चूंकि होली मार्च के अंतिम सप्ताह में है, सो गेहूं को पकने का पूरा समय भी मिल जाएगा। इधर, बूंदाबांदी की वजह से सरसों की फसल पर संकट बना हुआ है। बार-बार की बारिश ने सरसों को पकने में नहीं आ रही है। अब, सरसों की फसल के ज्यादातर रकबे में कटाई का काम पूरा हो चुका है, इसलिए गहाई के लिए मौसम साफ रहने की जरूरत है। कटी पड़ी सरसों की फसल सड़ने के कगार पर पहुंची तो उत्पादन करीब 30 फीसदी तक प्रभावित रहेगा।
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सब्जियों के राजा आलू को भी नुकसान
बूंदाबांदी ने आलू की फसल को भी नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। आलू बढ़वार की ओर है। ऐसे में खेत में बारिश के पानी का भराव हो गया तो आलू का दाना सड़ जाएगा। कच्ची खेती कही जाने वाली आलू को लेकर उत्पादक परेशान इसलिए भी हैं कि उसे धूप नहीं मिल पा रही है। आलू के लिए इस समय तापमान सामान्य होना चाहिए।
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बूंदाबांदी से आलू और तिलहन की फसल को नुकसान
दबतोरी। बुधवार सुबह मौसम अचानक खराब हो गया। सुबह से ही तेज हवा चली और बूंदाबांदी भी हुई, जिसमें तिलहन और आलू की फसल को काफी नुकसान पहुंचा। तिलहन की फसल पूरी तरह खेतों में पक चुकी है और काफी किसानों ने फसल को काटने की शुरुआत भी कर दी है, लेकिन बुधवार को सुबह से ही बूंदाबांदी शुरू होने से किसानों के खेत में खड़ी तिलहन की फसल बिछ गई। आलू की फसल इस क्षेत्र में किसानों की मुख्य खेती मानी जाती है। क्षेत्र में हजारों एकड़ भूमि में आसपास के गांवों में फसल तैयार खड़ी है। बूंदाबांदी से आलू में दाग लग रहा है और आलू खेतों में ही सड़ने लगा है। सर्द मौसम और खेतों में नमी रहने से आलू की फसल के उत्पादन में किसानों को काफी नुकसान होगा।
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बारिश से सरसों और आलू को ही अधिक नुकसान का अंदेशा है। सरसों की फसल ज्यादा प्रभावित हो रही है। ऐसे में उत्पादन भी गिरेगा। गेहूं की फसल के लिए फायदा ही फायदा है।
- डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक