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बा स्कूल में बीमार छात्राओं की संख्या 30 के पार, दो गंभीर
पंद्रह छात्राओं में खून की कमी, आयरन की गोलियां खिलाने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। नगर क्षेत्र के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में तीन दिन में तेजी से फैले बुखार ने गुरुवार को कई और छात्राओं को चपेट में ले लिया। जानकारी पाकर चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह पूर्वाह्न में डॉक्टरों की टीम के साथ विद्यालय पहुंच गए। उन्होंने 30 छात्राओं का चेकअप किया। सभी को बुखार था। 15 छात्राओं में खून की कमी भी पाई गई। हालांकि उनकी ब्लड स्लाइड बनाने के बाद दवाएं भी खिलाई गईं लेकिन एक दिन पहले बीमार छह छात्राओं में से दो की हालत नाजुक बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में अधिकतर छात्राओं को बुखार आने से परेशान शिक्षिकाओं ने सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को बुला लिया। चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह और डॉ. प्रभाकर मिश्र की अगुवाई में टीम में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों ने बीमार छात्राओं का चेकअप किया। इनमें 15 में खून की कमी पाई गई।
बता दें कि बुधवार को जिन छह छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया था, उनमें राधिका और अंजलि की हालत नाजुक बताते हुए सुबह जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि बुखार की मुख्य वजह विद्यालय में मच्छरों का प्रकोप है। पास में बड़ा नाला होने की वजह से भी मच्छर बढे़ हैं। साथ ही छात्राओं को स्वच्छ पेयजल भी नसीब नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों में नथन सिंह और रामपाल सिंह ने ब्लड की स्लाइड बनाई।
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लाइट है नहीं, रात में निकलते हैं सांप
उझानी। कस्बूरबा आवासीय विद्यालय में बिजली का कनेक्शन काफी समय से नहीं है। पिछले महीनों में स्टाफ ने कटिया डालकर लाइन शुरू कर ली थी लेकिन बाद में बिजली कर्मियों ने उसे हटा दिया। हालांकि परिसर में ही लगाने के लिए ट्रांसफार्मर और पोल पहुंचा दिए गए हैं लेकिन पोल जमीन पर ही पड़े हैं। फिलहाल बच्चे सोलर लैंप के जरिए ही पढ़ाई करते हैं। पंखे चलने का तो सवाल ही नहीं उठता। वैसे, विभागीय स्तर से जेनरेटर भी उपलब्ध करा दिया है जो पेयजल की जरूरत पूरा करने के लिए चलाया जाता है। बाकी समय में इसका इस्तेमाल नहीं होता। शिक्षिका बीना माहौर ने बताया कि सबसे बड़ी दिक्कत परिसर में सांपों के निकलने से बनी हुई है। एक-दो बार तो सांप कार्यालय तक में आ चुका है।
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छुट्टी से लौटीं वार्डन, अफसरों से की बात
उझानी। वार्डन मंजूरानी विद्यालय में बीमार छात्राओं की संख्या में इजाफा होने की भनक लगते ही गुरुवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचीं। उन्होंने राधिका और अंजलि का हाल जाना। वार्डन का कहना है कि उन्होंने एक दिन की छुट्टी मांगी थी लेकिन बच्चों के बारे में जैसे ही पता लगा, वह लौट आई हैं।
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चार छात्राओं को परिजन ले गए घर
उझानी। नगर क्षेत्र के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में पंजीकृत छात्राओं की संख्या सौ है। गुरुवार को 56 छात्राएं ही विद्यालय में मिलीं। वार्डन मंजू रानी ने बताया कि छात्राओं में बुखार को लेकर उनके परिजनों को अवगत करा दिया गया है। गुरुवार सुबह छात्रा पूजा, मौसमी, रोशनी और मुस्कान को उनके घरवाले अपने साथ घर लेकर चले गए। करीब 15 छात्राएं दो दिन के अंदर घर जा चुकी हैं।
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कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में छात्राओं को बुखार आने की बात गुरुवार को ही वार्डन ने बताई है। इसे लेकर उन्होंने डॉक्टरों से भी बात की है। विद्यालय साफ-सुधरा है फिर भी अगर कोई दिक्कत है तो उसे पूरा किया जाएगा।
- प्रवीण शुक्ला, खंड शिक्षाधिकारी।