बदायूं। फर्जी तरीके से विधवा पेंशन लेने वाली महिला और उसके पति के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच के बाद रिपोर्ट जिला प्रोबेशन अधिकारी ने लिखाई है। रिपोर्ट में पेंशन स्वीकृत करने वाले अफसर, सत्यपानकर्ता और प्रोबेशन कार्यालय में पटल सहायक को भी आरोपी बनाया गया है।
इस फर्जीबाड़े का भंडाफोड़ नगला तैय्यबपुर की प्रधान ऊषा देवी यादव ने किया था। उनकी शिकायत पर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराई। जांच में आरोप सही पाया गया। पता चला कि उझानी के नगला तैयतपुर की रहने वाली सूरतश्री ने अपने पति रामरक्षपाल को मृत दर्शाकर विधवा पेंशन बनवा ली थी। जांच के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी की ओर से शहर के सिविल लाइंस थाने में सूरतश्री, उसके पति रामरक्षपाल के खिलाफ धोखाधड़ी की नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। रिपोर्ट में सूरतश्री की पेंशन स्वीकृत करने वाले व सत्यपान करने वाले अफसर व कर्मचारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में तैनात पटल सहायक को भी शामिल किया गया है।
यह जांच पिछले महीने पूरी हो गई थी, लेकिन अफसरों और कर्मचारियों की भूमिका शक के दायरे में आने के बाद जांच रिपोर्ट फाइल में दबा दी गई थी। शिकायतकर्ता प्रधान ऊषा देवी के मुताबिक इस पूरे मामले में शुरू से जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। सूरतश्री ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश भी की थी। मगर फिर सूरतश्री नहीं बच पाई। वह विधवा पेंश के करीब 22 हजार रुपये ले चुकी है। अब इस धनराशि की रिकवरी की जाएगी। इस मामले की विवेचना दरोगा अनिल कुमार को सौंप दी गई है।