उझानी (बदायूं)। बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है। गेहूं की सिंचाई और बोर्ड परीक्षाओं के बावजूद सप्लाई शेड्यूल के अनुरूप नहीं मिल पा रही। ट्रिपिंग तो कभी ट्रांसफार्मरों में टेक्निकल प्रॉब्लम की भेंट चढ़ रही चार-पांच घंटे की सप्लाई की वजह से किसानों के साथ गेहूं उत्पादकों का खेल खराब हो गया है।
डेढ़-दो सप्ताह से बिजली सप्लाई के शेड्यूल में कटौती ने जिस तरह से उपभोक्ताओं को चपेट में लिया है, उससे सबसे ज्यादा प्रभाव घरेलू कामकाज पर पड़ा है। शेड्यूल के मुताबिक-सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर दो बजे तक और शाम को पांच से अगले दिन तड़के पांच बजे सप्लाई मिलनी चाहिए। डबल ग्रुप की सप्लाई के शेड्यूल से उपभोक्ताओं को ज्यादा दिक्कत नहीं लेकिन कटौती ने परेशानी बढ़ा दी है। सुबह सप्लाई नौ बजे से पहले नहीं मिलती। इसके बाद दोपहर दो बजे तक चार-पांच बार ट्रिपिंग की वजह से सप्लाई दिन में तीन-चार घंटे से ज्यादा नहीं मिल पाती। रात के समय दो-तीन घंटे की आपात कटौती ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे छात्र और छात्राओं को दिक्कत में डाल दिया है। जो समय पढ़ाई करने का होता है, उस समय बिजली नहीं होती। कटौती की समस्या से जूझ रहे गेेहूं उत्पादकों में अढौली के हरीओम ने बताया कि कड़ाके की ठंड की वजह से देहात में दिन की सप्लाई में बढ़ोतरी होनी चाहिए लेकिन गांवों को दिन में तीन-चार घंटे से ज्यादा सप्लाई नहीं मिल पाती।
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भाकियू नगर अध्यक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी
उझानी। भारतीय किसान यूनियन के नगर अध्यक्ष चंद्रमोहन वर्मा ने कार्यकर्ताओं की बैठक में गुस्से का इजहार किया। कहा- बिजली कटौती की समस्या से निजात दिलाने के लिए अफसर और जनप्रतिनिधि सजग नजर नहीं आते। जल्द ही शेड्यूल के अनुरूप सप्लाई व्यवस्था नहीं की गई तो उपकेंद्र पर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
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उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई शेड्यूल के अनुरूप ही मुहैया कराई जा रही है। यह बात अलग है कि कभी ट्रिपिंग या फिर लाइन में दिक्कत की वजह से घंटाभर सप्लाई प्रभावित हो जाए। फिर भी समय रहते प्रॉब्लम निपटाकर सप्लाई दुरुस्त कर दी जाती है।
- सीबी लाल, एसडीओ