ग्रामीणों में दहशत
कल्लिया काजमपुर गांव में फैली बीमारी को लेकर दहशत का माहौल है। तीन मौतों के बाद लोग भयभीत हैं और कई परिवार अपने बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेजने की तैयारी में हैं। गांव की ब्रह्म देवी, फूलवती का कहना है तीन मौतों के बाद में टीम है। हम तो अपने बच्चों को कुछ दिन के लिए बाहर भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
तीन झोलाछाप की दुकानें रहीं बंद, बैनर भी उतारे
कल्लिया काजमपुर में तीन झोलाछाप अभी तक गांव में घर-घर जाकर इलाज कर रहे थे। जब उनको पता चला कि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम आ रही तो वह अपनी दुकान बंद करके भाग गए। यहां तक की वह दुकानों के बाहर चस्पा बैनर तक उखाड़ दिए हैं।
चार दिनों में तीन की मौत के बाद गांव पहुंची टीम, खानापूर्ति कर लौटे
कल्लिया काजमपुर में चार दिनों में तीन लोगों की मौत के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम तो गांव पहुंची। घर-घर बुखार से लोग कराह रहे हैं। सोमवार को टीम ने प्राथमिक विद्यालय परिसर में शिविर लगाकर 160 मरीजों की जांच की और उन्हें दवाइयां दीं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वहां कोई गंभीर मरीज नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो बिस्तर से उठने लायक भी नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर स्थिति का जायजा नहीं लिया। मरीजों के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। कई घरों में एक साथ दो-दो लोग बीमार हैं। हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव और गंदगी फैली है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है और संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौत होने के बाद ही विभाग की टीम गांव में आई और अब भी केवल खानापूर्ति करके लौट गई।
गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। उसमें पांच मलेरिया पॉजिटिव मिले थे। बाकी लोग सामान्य बुखार से पीड़ित है। सभी की जांच कराई गई है। सभी मरीजों को दवाएं दी गई हैं। गांव में साफ सफाई के लिए कहा गया है। मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव भी करवाया गया है। - डॉ. तहसीन, जिला सर्विलांस अधिकारी