बिल्सी से उड़द लेकर बरेली मंडी को चला ट्रक रास्ते से गायब हो गया। ट्रक में 274 बोरा उड़द था। इसकी कीमत करीब 16 लाख रुपये है। ट्रक के चालक और क्लीनर का भी कोई अता-पता नहीं है। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दे दी गई है। पुलिस ने अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
बिल्सी निवासी मनीष वार्ष्णेय की नवीन गल्ला मंडी में दुर्गा प्रसाद मक्खन लाल नाम से गल्ला आढ़त है। गुरुवार को मनीष की आढ़त से ट्रक में उड़द लोड किए गए। यह उड़द बरेली मंडी समिति स्थित हरीशंकर एंड सन्स् फर्म को जाने थे। गुरुवार रात कांटा होने के बाद ट्रक चालक सुधीर गिरी 8:80 बजे बिल्सी से उझानी होते हुए बदायूं के लिए निकला। ट्रक में 274 बोरा उड़द था। शुक्रवार शाम तक उड़द बरेली पहुंच जाना था।
शाम को मनीष ने बरेली स्थित आढ़त से संपर्क किया तो पता लगा कि उड़द वहां नहीं पहुंचा है। इससे व्यापारी के हाथ-पांव फूल गए। इस बारे में उन्होंने मंडी के बाकी व्यापारियों को बताया। सभी लोग ट्रक की तलाश में जुट गए। बरेली निवासी ट्रक मालिक बिल्ले बाबू को भी बताया गया। वह भी बदायूं पहुंच गए। काफी तलाशने के बाद ट्रक का मय चालक और क्लीनर के कोई पता नहीं लगा। मनीष गुप्ता ने बिल्सी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है। अभी रिपोर्ट दर्ज नही हो सकी है।
उझानी के एक ढाबा पर रुका था चालक
बदायूं। गुरुवार रात बिल्सी से उझानी होते हुए उड़द से भरा ट्रक लेकर चालक सुधीर गिरी बरेली को निकला था। पहले वह उझानी आया। मनीष वाष्र्णेय की मानें तो जब उन्होंने ट्रक और चालक की तलाश की तो पता लगा कि गुरुवार रात चालक उझानी के पास स्थित एक ढाबा पर रुका था। यहां उसने खाना भी खाया। इसके बाद ट्रक कहां गया कुछ नहीं पता।
गल्ला आढ़ती संघ ने जताया रोष
बदायूं। 274 बोरा उड़द से भरा ट्रक रास्ते से गायब हो जाने के मामले में गल्ला आढ़ती संघ के अध्यक्ष ललतेश वाष्र्णेय ने रोष जताया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने जल्द रिपोर्ट दर्ज कर ट्रक बरामद नहीं किया तो व्यापारी आंदोलन करेंगे।
वर्जन-
मामला संज्ञान में आया है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।- बृजेश यादव, एसओ बिल्सी
वर्जन-
ट्रक गुरुवार रात मंडी से बरेली के लिए निकला था। उसमें 274 बोरा उड़द था। हम लोग अपने स्तर से भी ट्रक और चालक की तलाश कर रहे हैं। पुलिस को भी तहरीर दे दी गई है।-मनीष वाष्र्णेय, आढ़ती