एमजीपी कॉलेज में शिकायत पर दोबारा कराया गया था अंग्रेजी का पेपर
दूसरे कॉलेज के अध्यापकों की टीम ने किया था मूल्यांकन
महात्मा गांधी पालिका (एमजीपी) इंटर कॉलेज में कक्षा-11 के होम ऍग्जाम के दौरान अंग्रेजी विषय में फेल हुए 26 छात्र-छात्राओं के दोबारा कराए गए पेपर में महज 10 बच्चों को ही सफलता मिल पाई है। रिजल्ट शनिवार को कॉलेज के प्रधानाचार्य वाईके सिंह ने घोषित किया। इससे पहले डीआईओएस के निर्देश पर छात्रों को मनमाने ढंग से फेल करने के आरोप में निलंबित हुए प्रवक्ता एसएल सूर्या को बहाल कर दिया गया।
कॉपियों का मूल्यांकन डीआईओएस स्तर से गठित दूसरे कॉलेज के अध्यापकों की टीम ने किया था।
डीआईओएस कार्यालय से मूल्यांकन के बाद कॉलेज के प्रधानाचार्य वाईके सिंह को शुक्रवार को रिजल्ट मिला। बकौल प्रधानाचार्य- होम ऍग्जाम के दौरान कक्षा-11 के अंग्रेजी विषय के उन सभी 26 छात्र-छात्राओं के एक विषय की परीक्षा दोबाराकराई गई थी। पुनर्परीक्षा में बैठे बच्चों ने उस वक्त सब्जेक्ट टीचर एसएल सूर्या पर फेल करने का आरोप लगाया था। मामला डीआईओएस तक पहुंच गया था। डीआईओएस ने तीन सदस्यीय टीम ने पूरे प्रकरण की जांच कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधक की संस्तुति पर सूर्या को सस्पेंड कर दिया गया था। इसी के चलते फिर से परीक्षा कराने का निर्णय लेना पड़ा। दोबारा कराई गई परीक्षा में एक छात्र अनुपस्थित रहा था। उत्तीर्ण बच्चों में भूपसिंह, दयाल सिंह, देवराज, प्रताप कुमार, अंकित कश्यप, रीताशु सक्सेना, तौसीफ रजा, रोहित कुमार, नरेंद्र और विशाल शाक्य हैं। परीक्षा से लेकर मूल्यांकन की प्रक्रिया डीआईओएस की ओर से गठित दूसरे कॉलेजों के अध्यापकों की टीम ने किया था। प्रधानाचार्य ने बताया- सूर्या को बहाल कर दिया गया है। वह करीब 20 दिन तक सस्पेंड रहे लेकिन विभागीय स्तर की जांच को बंद नहीं किया गया है।