बिल्सी। नगर के मुख्य बंबा चौराहे पर स्थित शिव शक्ति भवन मंदिर में पिछले नौ दिनों से चल रही रामकथा का धूमधाम से समापन हो गया। अंतिम दिन प्रवचन देते हुए कथावाचक महाराज सतगुरु शरण ने भगवान राम और रावण के साथ हुए युद्ध का वर्णन करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति बुराई का ज्यादा दिनों तक साथ नहीं दे पाता है। इसलिए रावण के भाई विभीषण ने बुराई का साथ छोड़ते हुए भगवान राम के चरणों में शरण ले ली थी।
सोमवार को स्वामी जी ने जीवन में नैतिक मूल्यों की स्थापना पर बल देते हुए कहा कि सत्य बोलना और क्षमा करना, बड़ों की सेवा करना कभी भी खाली नहीं जाता है। इसका फल अवश्य मिलता है।
अंत में शिव शक्ति सेवा समिति के पदाधिकारियों द्वारा कथावाचक समेत कवि नरेंद्र गरल, सुवीन माहेश्वरी, गोरेलाल व्यास को सम्मानित किया गया। विजय प्रकाश, अनिल उपाध्याय, विनीत उपाध्याय, अमित कुमार, संजीव उपाध्याय आदि मौजूद रहे।