बदायूं। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम का हाल किसी से नहीं छिपा है। यहां कोचों की कमी के चलते युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका नहीं मिल पा रहा है। युवाओं की परेशानी को बयां करती हुई खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद में प्रशिक्षक रखने की कवायद शुरू की गई है।
सालों पहले जब जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम की नींव रखी गई थी, उस वक्त जिलेवासियों में खासा उत्साह था। खासतौर पर उन लोगों में जो अपने बच्चे का भविष्य खेल में बनाना चाहते थे। जब बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई, ऐसे में जनप्रतिनिधियों के हाथों इसका उद्घाटन होना था। लेकिन तिथि नहीं मिलने के चलते उस वक्त उद्घाटन नहीं हो सका। ऐसे में अधिकारियों ने इस ओर रुचि लेना छोड़ दिया। इसके चलते यहां पर सुविधाओं का शुरू से अकाल रहा। कोचों के अभाव में युवाओं को यहां पर बेहतर ट्रेनिंग नहीं मिल पाई। युवाओं की परेशानी को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद प्रशासन की नींद टूटी। प्रशासन के निर्देश पर जिला क्रीड़ाधिकारी की ओर से शासन से कोचों की मांग की गई। जिसके बाद खेल निदेशालय से 2019-20 के लिए मानदेय पर प्रशिक्षक रखने के लिए मंजूरी मिल गई। क्रीड़ा अधिकारी संतोष ने बताया कि एथलेटिक्स, बालीवॉल, तीरेदाजी, नेटवाल, तलवारबाजी, तैराकी के लिए 17 जून को लखनऊ के केढी सिंह बाबू स्टेडियम में प्रशिक्षकों का चयन होगा। जबकि 18 जून को हाकी, हैंडबाल, जिम्नास्टिक, भारोत्तोलन, पावर लिफिटिंग, ब्रुशू, 19 जनू को बॉक्सिंग, क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटवाल, बास्टकेटबाल, लानटेनिस, टेबिल टेनिस,20 जनू को ताइक्वांडो, कुश्ती, जूूडो, कबड्डी, खो-खो, कराटे, साईकिलिंग, साफट टेनिस, 21 जन को रोई, क्याकिंग एंड कैनोइग के लिए कोचों को चयन किया जाएगा।