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तीन दिन में गन्ना बकाया भुगतान न किया तो होगी गिरफ्तारी

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बदायूं। जिले के हजारों गन्ना का यदु शुगर मिल पर करोड़ों का बकाया चल रहा है। किसानों की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन की ओर से शुगर मिल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई का दौर शुरू हुआ। शुगर मिल को नोटिस जारी करते हुए समय से भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन किसानों को भुगतान नहीं किया गया। मुख्य वित्त लेखाधिकारी समेत दो पर एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं मिल की आरसी भी काट दी गई। बाद में प्रशासन ने सभी चीनी जब्त कर ली और नीलामी की तिथि लगा दी। लेकिन उन्हें कोर्ट से राहत मिल गई। इससे बाद प्रशासन पीछे हट गया, इसके बाद कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक भुगतान नहीं करने के चलते प्रशासन दोबारा चीनी मिल प्रबंधन पर सख्त हो गया है। भुगतान के लिए तीन दिन का समय दिया है।
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बिसौली में स्थिति यदु शुगर मिल की जो गन्ना पेराई की मशीनें है। वो प्रदेश में अपना एक अलग ही मुकाम रखती है। लेकिन स्थानीय स्तर पर कई कमियां रहीं। जिसके चलते जिले के हजारों किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि उनकी ओर से यदु शुगर मिल को गन्ने की सप्लाई दी गई। उसके एवज में उन किसानों को यदु शुगर मिल की ओर से गन्ने का भुगतान नहीं किया गया। हालात ये हैं कि यदु शुगर मिल पर पीछे साल का 14 लाख 22 करोड़ 33 हजार रुपये बकाया है। जबकि 118 करोड़ 75 लाख रुपये इस साल का चीनी मिल पर किसानों का बकाया है। विभाग की मानें तो इस साल जिन किसानों ने चीनी मिल को गन्ना सप्लाई किया है। उनमें से किसी भी किसान को एक भी पैसा नहीं मिल सका है। परेशान किसानों ने प्रशासन से लेकर शासन तक से इसकी गुहार लगाई। इसके बाद में जिला प्रशासन की ओर से यदु शुगर मिल पर शिकंजा कसना शुरू हो गया। कई बार मौखिक रूप से चीनी मिल प्रशासन को किसानों का भुगतान करने के निर्देश दिए थे। लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद में नोटिस जारी कर भुगतान करने की बात कहीं, जिसे अनसुना कर दिया। इसके बाद में जिला प्रशासन की ओर से 15 दिसंबर 2018 चीनी मिल प्रशासन की आरसी काट दी गई। इसके बाद में छह मार्च को मुख्य वित्त लेखाधिकारी समूूह डीके श्रीवास्ताव और सुरेश चंद्र जौहरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। साथ ही प्रशासन की ओर से यदु शुगर मिल की चीनी को जब्त कर दिया गया। साथ ही चीनी नीलामी के लिए एक अप्रैल 2019 की तारीख रखी गई। लेकिन इस बीच में कोई खरीदार नहीं पहुंचा। इसके बाद में दोबारा 16 अप्रैल 2019 की तिथि लगाई गई। लेकिन इसी बीच में चीनी मिल प्रशासन को कोर्ट से राहत मिल गई। जिसके चलते प्रशासन ने उन्हें चीनी वापस कर दी। लेकिन कोर्ट के निर्देशों को पालन नहीं होने के चलते अब प्रशासन ने फिर से दबाव बना दिया है। ऐसे में प्रशासन ने चीनी मिल प्रशासन को तीन दिन का समय दिया गया है। अगर वह नियमानुसार भुगतान करते हैं, तो सही वरना उनको गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

कोर्ट के आदेश का भी सही से नहीं हो रहा पालन
-कोर्ट की ओर से प्रति माह एक निश्चित धनराशि किसानों को देने के निर्देश दिए। साथ ही 15 जुलाई तक सभी किसानों को पूरा पेमेंट करने की भी बात कही। लेकिन प्रति माह एक निश्चित धनराशि किसानों को चीनी मिल की ओर से नहीं दी जा रही है। ऐसे में प्रशासन ने दोबारा से चीनी मिल पर दवाब बनाना शुरू कर दिया है।
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100 करोड़ की चीनी प्रबंधन के पास मौजूद
-यदु शुगर मिल के पास में तीन लाख 10 हाजर 937 क्विंटल चीनी मौजूद है। जो करीब 100 करोड़ रूपये की होगी। अगर चीनी मिल प्रशासन पूरी चीनी को बेच दें, तभी भी वह किसानों का काफी हद तक पेमेंट कर सकता है। हालांकि शासन की ओर से 23 हजार 270 क्विंटल चीनी बेचने लिए इस माह परमिशन दी गई है।

चीनी मिल- दो (एक सहकारी व दूसरी प्राइवेट)
पिछले साल का बकाया- 14 करोड़ 22 लाख 33 हजार रुपये
इस साल का बकाया- 118 करोड़ 75 लाख रुपये
कब कटी आरसी- 15 दिसंबर को काटी गई चीनी मिल की आरसी

चीनी मिल पर पिछले साल का 14 करोड़ 22 लाख और इस साल का 118 करोड़ से अधिक बकाया चल रहा है। गन्ने का बकाया नहीं मिलने से किसानों को परेशानी हो रही है। चीनी मिल प्रशासन को बीच-बीच अवगत भी कराया कि वह किसानों को भुगतान कर दें। लेकिन अभी तक पेमेंट नहीं हो सकता है। ऐसे में मिल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीन दिन का समय दिया गया है।
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-दिनेश कुमार सिंह, डीएम
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