उझानी (बदायूं)। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नया फार्मूला तैयार कर लिया है। दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने और उसका रकबा बढ़ाने की कवायद के साथ ही वैज्ञानिकों ने प्रक्षेत्र प्रयोग परीक्षण के जरिए किसानों को खेती की नई तकनीक की जानकारी मुहैया कराने का निर्णय किया है। इसके तहत मशरूम, जैविक नियंत्रण प्रयोगशाला, मुर्गी पालन, मृदा परीक्षण, मधुमक्खी और केंचुआ उत्पादन की जिले के करीब दो सौ किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में मंगलवार को वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. एसबी सिंह की देखरेख में समिति के सदस्यों में केंद्र के अध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह ने किसानों के उत्थान से जुड़े मुद्दों पर पक्ष रखा। प्रगतिशील किसानों में ऊषा चौहान, ओमकार सिंह, कृष्णपाल सिंह और लीलाधर शर्मा ने किसानों की आय को लेकर बात की। वर्ष- 2019-20 में किसानों की आय को दोगुनी करने का वैज्ञानिकों ने जो फार्मूला पेश किया, उसके तहत सबसे पहले उन्हें नई तकनीक की प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए पांचों यूनिटों जैविक नियंत्रण प्रयोगशाला, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, मशरूम उत्पादन इकाई, मधुमक्खी पालन केंद्र, केंचुआ उत्पादझ्न केंद्र और मुर्गीपालन केंद्र पर पूरे साल में करीब दो सौ किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसके अलावा तिलहन और दलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए समूह प्रथम पंक्ति प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। दलहन में अरहर, उड़द, मसूर, मटर के रकबा को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। नई कार्ययोजना में फसल प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को उन्नतशील बीजों के बारे में जानकारी दी जाएगी। पिछली कार्ययोजना के कार्य पूरे होने पर समिति के सदस्यों ने खुशी व्यक्त की। बैठक में जिला विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह, पशु चिकित्साधिकारी विवेक माहेश्वरी, राजेश कुमार, जयप्रकाश, वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार, फूलचंद्र और यशपाल सिंह आदि भी मौजूद थे।