विधायक के खिलाफ
उतरे मानपुर के ग्रामीण
एसडीएम कार्यालय के सामने धरना, आरोपों से विधायक का इनकार
अमर उजाला ब्यूरो
सहसवान (बदायूं)। जरीफनगर क्षेत्र के ग्राम दानपुर में कोटा प्रस्ताव के दौरान हुए बवाल के बाद शुक्रवार को दूसरे गुट के लोग सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के खिलाफ सड़क पर उतर आए। शुक्रवार को ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया और सदर विधायक पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप है कि विधायक अपने भाई की पत्नी के नाम कोटे की दुकान कराना चाहते हैं। इसलिए पांच बार पूर्ण बहुमत होने के बावजूद कोटे की दुकान का प्रस्ताव नहीं होने दिया। उधर, विधायक ने सभी आरोपों को नाकार दिया।
शुक्रवार सुबह दानपुर गांव के सैकड़ों लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय के सामने ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और सत्ता पक्ष के सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में बताया कि गुरुवार को उनके गांव में कोटा प्रस्ताव होना था। इसके लिए फूलवती पत्नी हरवीर यादव और विनीता पत्नी रोहिताश ने दावेदारी की थी। फूलवती के पक्ष में 349 वोट गिने जा चुके थे और 200 से अधिक लोग गिनती के लिए शेष रह गए। तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और हंगामा करने के बाद बवाल कर दिया। इससे एसडीएम सहसवान और जरीफनगर, सहसवान, उघैती, बिल्सी पुलिस पहुंच गई। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव शिव कुमार और पूर्ति निरीक्षक भाजपा विधायक के दबाव में प्रस्ताव नहीं कर रहे हैं। दूसरे पक्ष की दावेदार विधायक के भाई की पत्नी है। इससे पहले चार बार कोटा के प्रस्ताव का प्रयास किया गया था। गुरुवार को पांचवी बार होना था। प्रस्ताव नहीं होने से ग्रामीणों में खासा रोष है। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं लोगों ने कहा है कि वह इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे।
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दानपुर गांव के दूसरे पक्ष के लोग यादव हैं। पहला पक्ष गुप्ता है। इसलिए बिरादरी के नाते आरोप लगा रहे हैं। मेरे भाई की पत्नी तो क्या मेरे परिवार से कोई भी व्यक्ति कोटे का दावेदार नहीं हो सकता। मैं दहगवां रहता हूं। जबकि यह मामला दानपुर गांव का है। ग्रामीणों का आरोप सरासर गलत है।
-महेश चंद्र गुप्ता, सदर विधायक
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कोटा प्रस्ताव में बवाल करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज
ग्राम पंचायत सचिव की तहरीर पर 10 नामजद, 250 अज्ञात पर रिपोर्ट अमर उजाला ब्यूरो
जरीफनगर (बदायूं)। कोटा प्रस्ताव के दौरान दानपुर गांव में हुए बवाल के मामले में पुलिस ने ग्राम पंचायत सचिव की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसमें 10 लोगों को नामजद किया गया है। जबकि करीब 250 लोग अज्ञात बताए गए हैं। शुक्रवार सुबह ग्राम पंचायत सचिव शिवकुमार जरीफनगर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि विकास खंड दहगवां के ग्राम दानपुर में गुरुवार को उचित दर विक्रेता का चयन होना था। इसके लिए वह दानपुर गांव सहायक विकास अधिकारी होशियार सिंह के साथ नोडल अधिकारी के रूप में पहुंचे। दावेदार विनीता पत्नी रोहताश और फूलवती पत्नी हरवीर की सहमति से पुलिस की मौजूदगी में वोटों की गिनती शुरू हुई। उसी वक्त दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। उनमें शोर शराबा हो गया और भगदड़ मच गई। उसके बाद गांव के प्रवीण कुमार, सुरेश चंद्र, रतीराम, अलबेले, हरवीर, महेंद्र, शिवचरन, सुरेंद्र, वीरेंद्र, प्रेम आदि ने करीब 200-250 लोगों के साथ उन्हें जबरन पकड़कर बंधक बना लिया। उन्होंने बल पूर्वक दुकान अपने नाम कराने का दबाव बनाया। प्रस्ताव न लिखने पर उन्हें गोली मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने ग्राम पंचायत सचिव की तहरीर पर 10 लोगों को नामजद करते हुए करीब 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।