होली से पहले गरमाया कपड़ा बाजार, भीड़ बढ़ी
-युवतियों में प्लॉजो कुर्ती तो महिलाओं में साड़ियां पहली पसंद
-सभी को खूब भा रहे मार्केट में नए ट्रेंड के कपड़े
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
होली का त्योहार आते ही बाजार में कपड़ों की दुकानों पर खरीदारों की संख्या काफी बढ़ गई है। हर वर्ग के लोग बाजार में सिले व बिना सिले कपड़े लेने उमड़ रहे हैं। कोई फैशन का लेटेस्ट ट्रेंड तो कोई कपड़े की मजबूती देख रहा है। महिलाओं में कॉटन की साड़ियां, युवाओं में जींस और युवतियों में प्लॉजो कुर्ती की डिमांड ज्यादा बढ़ी है।
होली से पहले बाजार में सभी दुुकानों पर भीड़ है। कपड़ों की दुकानों पर ज्यादा ही भीड़ है। युवक, युवतियां और महिलाओं के लिए बाजार में कपड़ों के नए फैशन ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां युवा फैशन के मुताबिक रेडीमेड कपड़ों को लेना पसंद कर रहे हैं। वहीं नौकरी करने वाले युवा कपड़ा लेकर सिलवाना पसंद कर रहे हैं। कारगो में जॉगरस ट्रेंड वाली जींस युवाओं को खास लुभा रही है। वहीं महिलाओं में सूरत की साड़ियां, युवतियों में प्लॉजो कुर्ती की डिमांड स्पेशल तौर पर है। इन्हें लोग खूब खरीद रहे हैं।
--
जींस के साथ जमेगी प्रिंटेड टी शर्ट
युवाओं के लिए बाजार में कई तरह की जींस आई हैं। इनमें नार्मल ब्लू जींस के साथ ही दूसरे डार्क कलर्स की जींस उनकी पसंद है। जींस के साथ युवा कॉटन की छींटदार या छोटे चेक वाली शर्ट लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बच्चों के लिए कट वाली जींस खूब खरीदी जा रही हैं।
----
पटियाला सूट, लांग कुर्ती भी पसंद
युवतियों के लिए व्यापारी वैसे तो हर बार कुछ अलग अंदाज में कपड़े लाते हैं। इस बार लांग कुर्ती, प्लॉजो कुर्ती, लांचा, पटियाला सूट, जयपुरी सूट, लांग फ्रॉक, लहंगा, गाउन आदि आए हैं। इनमें युवतियां सबसे ज्यादा प्लॉजो कुर्ती लेना पसंद कर रही हैं। यह कुर्ती पहनने में तो आरामदायक हैं ही, साथ ही गर्मियों के लिहाज से भी आरामदायक हैं।
000000
महिलाएं खरीद रहीं सूरत की साड़ियां
महिलाओं के लिए बाजार में इटालियन सिल्क, शिफॉन आदि के कपड़े की साड़ियां हैं। महिलाएं सबसे ज्यादा एक कलर में सूरत की साड़ियां लेना ज्यादा पसंद कर रही हैं। इनमें भी कॉटन की साड़ियां उन्हें लुभा रही हैं।
0000000
40 प्रतिशत यंगस्टर्स खरीद रहे रेडीमेड कपड़े
- युवाओं पर न तो कपड़े सिलवाने के लिए वक्त है और न ही वह नए दौर में सिले कपड़े पहनकर ओल्ड लुक दिखना चाहते हैं। करीब 40 प्रतिशत युवक रेडीमेड कपड़े ले रहे हैं। शिवपुरम के पप्पू टेलर ने बताया कि 35 से अधिक आयु के अधिकतर लोग आज भी कपड़े फिटिंग की सिलाई कराना चाहते हैं। क्योंकि सिलवाया हुया कपड़ा रेडीमेड की अपेक्षा ज्यादा टिकाऊ होता है। रेडीमेड कपड़े मे डिजाइन तो कई तरह की मिल सकता है लेकिन उनकी गुणवत्ता ज्यादा अच्छी नहीं होती। कश्मीरी चौक के रेमंड टेलर्स के प्रोपराइटर इकराम ने बताया कि उनके पास इस समय जरूरत से ज्यादा काम है। स्टाफ करीब बीस घंटे लगातार काम कर रहा है। होली तक सब काम निपटाना है।